प्रभु तेरा हम पर एहसान होगा समय लगेगा जरूर यहां पर, प्रभु का हम पर एहसान होगा। बुरे दौर से...
poetry
जग तारिणी दुख हारिणी माँ गंगा गौमुख से मां गंगा निकलती है पर्वतो से अठखेलियाँ करती, मधुर मंगल गीत गाती...
बेमौसम बारिश और गरीब किसान बेचैन वो नहीं उस शख्स की जिम्मेदारी है कभी बारिश के लिए तड़पता रहा तो...
मैं लंकेश रावण हूँ अपना प्रारब्ध स्वयं मैंने चुना था । मैं ऋषि विश्रवा का पुत्र और महर्षि पुलत्स्य का...
आज खोल दो अमर द्वार आज खोल दो अमर द्वार, जहां खो गई तुम्हारी निश्छल जवानी। अब तो आ जाओ...
चारों तरफ हाहाकार क्यों इस करुण द्रवित हृदय में सबके, क्यों असहनीय सी ध्वनि बज उठती। क्यों चारों ओर हाहाकार...
प्रभु आशीर्वाद बनाए रखना ए मालिक मेरे आज सबकी, तुम जरूर हिफाजत करना। जिंदगी हो चाहे किसी की भी, उसे...
अभी समय है - शरण चले आ ! तू नियामक -शक्तिमान है, अजर अमर प्रभु अविनाशी। नश्वर प्राणी - दुर्बल...
ये देश कैसा है? मैं हिन्दू हूँ तू मुस्लिम है ये द्वेष कैसा है। नफ़रतों हैं हवाओं में ये परिवेश...
