भोलेनाथ तुम दया निधान आशुतोष तुम संकट हारी दया करो हे कृपा निधान भव भय भंजन सुख के धाम हे...
poetry
लिखूं या ना लिखूं लिखूं या ना लिखूं, आज के हालातों पर। कौन कौन है कसूरवार यहां, हवा की तलवार,...
चतुर्मास मे पपीहा प्यासा ! कोविड से छा गई निराशा। चतुर्मास में पपीहा प्यासा, कोविड से छा गई निराशा। सुबह...
ये कैसी करोना की हवा चली, इक भय बिखरा है गली गली। जब चारों ओर मरण का तांडव फिर बसंत...
मैं हार गया करुण रुदन आज न जाने उर में क्यों, हृदय को यथार्थता मिल गई सारी। जिसके लिए प्राण...
शुभ कल्याणी गौ माता सदाचार का पाठ पढ़ायें, सबको गौ पालन सिखलायें, सब गौ माता की सेवा करके, गौ माता...
रोजगार दो रोजगार दो रोजगार दो, कोई तो हमें कुछ उधार दो। बेरोजगार हूं, बेरोजगार हूं, सरकार जी कुछ तो...
कल्पने, धीरे-धीरे बोल बोल रही जो स्वप्न उबलकर विह्वल दर्दीले स्वर में, कुछ वैसी ही आग सोई है मेरे, लघु...
बच्चों की मन की पीड़ा ये वक्त वक्त की बात है, लगता नहीं कोई मेरे साथ है। कलम स्याही कापी...
पिता परिवार का सारथी होता है पिता परिवार का दीपक होता है, पिता परिवार का विश्वास होता है, पिता परिवार...
