हम भी किसान रहे हैं। सर पर कर्ज़ पीठ पर कोड़ों के निशान रहे हैं।वो उतने पूजे गए जो जितने...
Literature
हर शख्स की ज़ुबान परसिर्फ एक ही सवालकोरोना ने मचा रखा हैचहु दिशा में बवालक्या जीवन की रेलपटरी पर आएगी?गली-मोहल्ले,चौराहे...
शादियों का सीजन आया और निपट भी गया। यदि अपने परिवार की शादी न हो तो पता ही नहीं चलता...
जागो शिक्षकों, छात्रो जागो जागो शिक्षकों, छात्रो जागो ।जागो एक बार सब जागो । ।उच्च शिक्षा पर संकट भारी ।निजीकरण...
हिमालय के आंचल में मध्य हिमालय के आंचल में, दो सम ऐसे नगर बसे ,एक हिमाचल एक उत्तरांचल चंबा जिनके...
आज के चकाचौंध दिखावे की धारा में सरकारी विद्यालय को गरीब की पाठशाला कहा जाता है आखिर ऐसा क्यों? इसी...
किसानतुमसे ही कुछ पैसे उधार लेकरवो तुम्हारे लिए ही अनाज उगाएगाखुद को वो तुम्हारा कर्जदार औरतुमको साहूकार बताएगा ।। सुबह...
गा लो जैसे मर्जी जितनी मर्जीएकदम सटीक बात है… अपना TIME आएगा… जब अपना TIME आएगा…२तब सबको पता चल जाएगा…२...
कविता दिन-भर थकान जैसी थी और रात में नींद की तरह/ सुबह पूछती हुई, क्या तुमने खाना खाया रात को।...
विचारों की उधेड़बुन में फंसा आज का मानव को स्कूल जाने की ताकत का काम केवल कलम की नोंक में...
