सौंण-भादौं बरखण लग्यूछ सौंण-भादौं डांडी कांठी हरी भरी ह्वैगी । गदरा गाड़ सबी बढ़ी गैंन छ्वैला पाणी फूटीगिन घर गुठ्यारियूम...
साहित्य
हिमालै दिवस बंदन-अभिनंदन तेरु, मुंड-झुकांदी हिमालै. भू- मंडल म अकेलू, राज- चलांदी हिमालै.. साक्यूं बटि खणु रैकि, हमरि रक्षा करि...
पंदेरा-नवळा पंदेरा बड़िगीं गदेरा, नवळा सूखि गींन. नलौं कु भरोसु कनम कन, टूटि गींन.. गौं-गौं घर-घरौं, पांणी रूणु ह्वेगे आज,...
श्रृंगार कर्याल उठ दै मेरू लाड़ू मुख हाथ ध्वैयाल सैसर त्वैन जाती श्रृंगार कर्याल। उठ दै.......................... माथा म बिंदिया सिन्दूर...
बढत-घटत एक बग्त छौ, सबि कुछ- बढदि ग्याई. इनु बि बग्त ऐ, सबि कुछ- घटदि ग्याई.. पैल्याकु समै, खेति- औलाद...
दहेज मां- बाप देते हैं हमें दूसरों के घर भेज सास ससुर भी कहे क्या लायी तू दहेज क्यों लगते...
ठंडु-मिठु बतौ- इनि बि, क्यांकि उठा-पोड़ ह्वे जांद. बात- पीछा, क्यांकि दौड़ा- दोड़ ह्वे जांद.. सै- पे- कि क्वी काम,...
पियारी हे स्याली हे स्याली पियारी हे स्याली त्यै डांडी घुमी औंला बुरांश किंगगोडी की कछमोली बणै के खैई के...
शिक्षक शिष्य का भाग्य विधाता शिक्षक दिवस अति पावन है, सब शिक्षक जनों का अभिनंदन है। जो भी शिक्षकों को...
कवि एवं साहित्यकार दीनदयाल बन्दूणी ने शिक्षक दिवस के दिन अपनी रचना को अपने गुरु को समर्पित किया है। उन्होंने...
