आंख्यूं कू राज तेरी आंख्यूं कू ढ़ग बडू छ ड़ुबकी आंख्यूं कू सज बड़ू छ तेरू........................... सुख म टबणादी खुशी...
साहित्य
बग्त-कुबग्त बग्त फरि, कुबग्त कि बि- सोचि ले. बुरु बगत कु, सारु अपणूं खोजि ले.. जीवन त चखलु सी, फुर्र...
मन की व्यथा आज अपनी कलम से मन की व्यथा सुनाती हूं क्यों इतनी सख्त बनी मैं इसकी बात सुनाती...
इनु बि क्य कन कछिड़ि जुटयीं-तुमरि, इनु बि क्य. जोग-ध्यान लगायी-इबरि, इनु बि क्य.. दिन-भर मैफल जमै, रम्मी- तास खेली,...
अ से अ: तक... अ से अक्षर लिखना सीखो आ कर मुझसे कहना सीखो इ तना सीधा सपना देखो ई...
बोल-बाबा कूं मुलक हे ऊंची डाण्डियों तुम निशी ह्वावा बाबाजी कूं मुलक देखण द्यावा। घनी कुलांई तुम निशी ह्वावा बाबाजी...
बदलेंदु-बग्त सिवऴु सी जमि ग्या, दिल- दिमाग फरि. बस नि रौ, भैर-भित्रा जऴदि आग फरि.. क्य ब्वन-कैम ब्वन, कुछ नि...
गढ़वऴि भाषा दिवस गढ़वऴि भाषा कु दिवस च, बल आज. भाषा अपड़ि हमन बचांण, चल आज.. गढ़वऴि ब्वाला- बच्यावा, याच...
चरण छोड़कर मैं कहां जाऊं मैया चरण छोड़कर मैं। कहां जाऊं मैया चरण छोड़कर मैं मिलाना सहारा मुझे जब कहीं...
ठाठ-बाट ठाठ- बाट कि- या जिंदगी, कै घाट ह्वेगे. रात- दिन दौड़दी जिंदगी, इक बाट ह्वेगे.. खुटि म खुटि धरि,...
