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September 8, 2026

साहित्य

सौंण-भादौं बरखण लग्यूछ सौंण-भादौं डांडी कांठी हरी भरी ह्वैगी । गदरा गाड़ सबी बढ़ी गैंन छ्वैला पाणी फूटीगिन घर गुठ्यारियूम...

हिमालै दिवस बंदन-अभिनंदन तेरु, मुंड-झुकांदी हिमालै. भू- मंडल म अकेलू, राज- चलांदी हिमालै.. साक्यूं बटि खणु रैकि, हमरि रक्षा करि...

पंदेरा-नवळा पंदेरा बड़िगीं गदेरा, नवळा सूखि गींन. नलौं कु भरोसु कनम कन, टूटि गींन.. गौं-गौं घर-घरौं, पांणी रूणु ह्वेगे आज,...

श्रृंगार कर्याल उठ दै मेरू लाड़ू मुख हाथ ध्वैयाल सैसर त्वैन जाती श्रृंगार कर्याल। उठ दै.......................... माथा म बिंदिया सिन्दूर...

ठंडु-मिठु बतौ- इनि बि, क्यांकि उठा-पोड़ ह्वे जांद. बात- पीछा, क्यांकि दौड़ा- दोड़ ह्वे जांद.. सै- पे- कि क्वी काम,...

शिक्षक शिष्य का भाग्य विधाता शिक्षक दिवस अति पावन है, सब शिक्षक जनों का अभिनंदन है। जो भी शिक्षकों को...

कवि एवं साहित्यकार दीनदयाल बन्दूणी ने शिक्षक दिवस के दिन अपनी रचना को अपने गुरु को समर्पित किया है। उन्होंने...