मैं सरकस का सिंह रहा सुखमय मम जीवन।मिला किंतु अब बड़ा कठिन ही है यह कानन।।बिना कष्ट था भोजन मिलता...
साहित्य
किसी चैनल में खबर देख रहा था कि एक सज्जन ऐसे लोगों के घर जाते हैं, जो तोता पाल रहे...
अपने अंदर छुपा दिया,या जाने कहाँ गुमा दिया,तू वैसा का वैसा फिर मुझको क्यों बदल दिया।दर्पण बता बचपन कहाँ? वो...
जहां रहता हूं आसपास जो खेत हैउनमे फसलों का उगनानिरंतर उगते रहने को कह रहा है जहां मै रह रहा...
सड़क किनारे जिंदगी मूक देखती रह जाएगी खून से सने हाथों से गिरेबाँ पकड़ी जाएगी,सामंती तलवारें नन्हें हाथों में लहराएंगी,गठजोड़ों...
एक - हैंक म , बोलद रै गिवां.अफी छकी , अफि पकी गिवां.क्या पायि-क्या ख्वायी, अबतक-तोलदा- मोलदा , अफतैं रै...
पापामैं जानती हूं तुम भूखे होफिर क्यों तुम खुद को भूखे नहीं बताते होतपती धूप में पसीने से नहाकरक्यों तुम...
विषय -मंजिल डरते क्यों हो तुम उलझनों सेतुम राह पर चलना तो सीखोदूर नहीं अब कहीं मंजिलतुम ये सोचकर तो...
मध्य हिमालै ? ऊंचा हिवांळों ह्यूं की चादर,रूमझुम बरखा मध्य हिमालै ।धारूं - धारूं बादळ माळा ,ठंडु बथौऊं मध्य हिमालै...
जमाना उधार है इंसान मत पूछ मेरी हैसियत क्या है,मेरी आरामगाह मेरे आराम केमाकूल है ज़माने…..सच ही तो है जब...
