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July 26, 2026

पीएम मोदी पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नामक डाक्यूमेंट्री के प्रसारण के मद्देनजर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) और बीबीसी इंडिया पर भारतीय क्षेत्र से संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। 2002 के गुजरात दंगों के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पीएम मोदी के कार्यकाल पर बीबीसी की डाक्यूमेंट्री पर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई थी और चुनिंदा प्लेटफार्मों से हटा दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, 21 जनवरी को केंद्र ने विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के लिंक साझा करने वाले कई YouTube वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बता दें कि हिंदू सेना के अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रधानमंत्री की गुजरात दंगों में कथित भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करने के लिए बीबीसी और बीबीसी इंडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि बीबीसी और बीबीसी इंडिया भारत में शांति और अखंडता को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दरअसल ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) ने 2002 के गुजरात दंगों में प्रधानमंत्री मोदी पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की थी। जिसे केंद्र सरकार ने भ्रामक मानते हुए इस पर बैन लगा दिया था। इस प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इस पर हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता और बीरेंद्र कुमार सिंह ने भारत में बीबीसी के संचालन पर ही बैन लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एडवोकेट बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से दायर की गई इस याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी को निर्देश दे कि वह भारत विरोधी और भारत सरकार विरोधी रिपोर्टिंग/डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पत्रकार के खिलाफ जांच करे। याचिका में बीबीसी पर अपना एजेंडा चलाने का आरोप लगाया गया और दावा किया गया कि बीबीसी भारत में व्याप्त शांति और राष्ट्रीय अखंडता को बाधित कर रहा है। हालांकि याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है और याचिका को खारिज कर दिया।