बिजली की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदेशभर में सीपीएम का प्रदर्शन पांच जनवरी को, बैठक में रोजगार पर चर्चा
उत्तराखंड में बिजली की दरों में वृद्धि के विरोध में सीपीएम पांच जनवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी। इसे लेकर आज पार्टी के देहरादून जिला कार्यालय पर बैठक हुई। इस दौरान रोजगार के सवाल पर चर्चा की गई। साथ ही परिवहन व्यवस्थाओं में फेरबदल के साथ ही अन्य भर्ती परीक्षाओं के निरस्तीकरण का विरोध करते हुए इसे बेरोजगारों से भद्दा मजाक बताया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में तय किया गया कि पांच जनवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत देहरादून जिला मुख्यालय पर दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। पार्टी राज्य कार्यालय गांधी ग्राम में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा है कि राज्य सरकार एक साल में तीन बार बिजली की दरों में वृद्धि कर चुकी है। अब चौथी बार इसे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इससे जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने कहा कि परिवहन व्यवस्था में भारी फेरबदल कर बाहरी कम्पनियों के हवाले स्थानीय परिवहन को देने का काम किया जा रहा है। इससे यात्रा किराया महंगा हो जाएगा। आम जन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। साथ ही परिवहन व्यवसाय से जुडे़ स्थानीय लोग बेरोजगार हो जाऐंगे। बैठक में वक्ताओं ने मलिन बस्तियों के नियमतीकरण, स्मार्ट सिटी के नाम पर आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का विरोध तथा भूमाफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक की अध्यक्षता कमरूद्दीन ने की। बैठक में राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी, प्रर्वेक्षक सुरेंद्र सिंह सजवाण, जिलासचिव राजेंद्र पुरोहित, महानगर सचिव अनन्त आकाश, इन्दु नौडियाल, लेखराज, शम्भूप्रसाद ममगाई, कृष्ण गुनियाल, सुधा देवली, हिमांशु चौहान, शेरसिंह, अमर बहादुर शाही, विनोद कुमार, याकूब अली, रंजन सोलंकी आदि ने विचार व्यक्त किए। बैठक से पूर्व दिल्ली में कार से फंसकर युवती की मौत की घटना पर दुख प्रकट करते हुऐ दो मिनट का मौन रखा गया।



