ऋषिकेश में पत्रकार पर हमले का विरोध, विभिन्न दलों और संगठनों के प्रतनिधियों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
ऋषिकेश में पत्रकार योगेश डिमरी पर शराब माफियाओं की ओर से किए गए हमले के का विरोध बढ़ने लगा है। देहरादून में विभिन्न राजनीतिक दलों और जनसंगठनों के प्रतनिधियों ने आज जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जयभारत सिंह को सौंपा गया। इसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन में इन संगठनों ने कहा है कि राज्यभर में बिगड़ती कानून व्यवस्था के परिणामस्वरूप आये दिन चोरी ,बलात्कर व हत्याओं तथा जनता के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं लोगों पर जानलेवा हमला या उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर अनेक संगीन मामलों को दबाने की साजिश की साजिश चल रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन में कहा गया है कि बीते कई सालों से पत्रकार डिमरी अपनी पत्रकारिता के माध्यम से धार्मिक नगरी ऋषिकेश में जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं। ऋषिकेश में शराब पूर्णतः निषिद्ध है। इसके बावजूद पुलिस की उदासीनता के चलते इसका अवैध कारोबार फलफूल रहा है। योगेश डिमरी ने इस पर अपनी लेखनी चलाई तो शराब माफियाओं को यह गंवारा नहीं हुआ। ऐसे में उन पर जानलेवा हमला करिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन में कहा गया है कि ऋषिकेश में उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी के साथ ही कई आला अधिकारी रहते हैं। राज्य के कैबिनेट मंत्री का भी यह गृह क्षेत्र है। इसके बावजूद ऋषिकेश में पत्रकार पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। बीती 22जून 2024 को इसी ऋषिकेश कोतवाली में रणबीर सिंह नाम के व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा में पिटाई की गई। इसके बाद जिला कारागार में उनकी मौत हो गई। अब ऋषिकेश कोतवाली के अन्तर्गत पत्रकार पर जानलेवा हमला अपराधी मानसिकता के लोगों के नापाक इरादों को दर्शाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन में मांग की गई पत्रकार पर जानलेवा हमले के जिम्मेदार अभियुक्तों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी की जाए। अवैध शराब में लिप्त पुलिस एवं शराब माफियाओं के नापाक गठबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल में सीपीआईएम के मंडल सचिव अनन्त आकाश, उत्तराखंड राष्ट्रीय पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, सीआईटीयू के जिला महामंत्री लेखराज, आरयूपी के बालेश बबानिया, उत्तराखंड आंदोलनकारी परिषद से सुरेश कुमार, भीम आर्मी से आजम खान, एआईएलयू से शम्भू प्रसाद ममगाईं, नेताजी संघर्ष समिति से प्रभात डंडरियाल, उत्तराखंड पीलुल्स फोरम से जयकृत कण्डवाल, नवचेतना मंत्र से दीप्ति रावत के साथ ही इन्द्रेश नौटियाल, सतीश धौलखंडी आदि शामिल थे।
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