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July 8, 2026

रुद्रप्रयाग के कवि कालिका प्रसाद सेमवाल की कविता-भारत भूमि को शत् शत् वंदन है

रुद्रप्रयाग के कवि कालिका प्रसाद सेमवाल की कविता-भारत भूमि को शत् शत् वंदन है।

भारत भूमि को शत् शत् वंदन है

पूजनीय है ये भारत भूमि
तेरी वसुधा पर जन्म लिया है,
नित पूजा करुं मां मैं तेरी
दुनिया में भारत सबसे सुंदर है।

तेरे हिम शिखरों से सीखा
सदा साहसी और निडरता
मां तेरे सागर से सीखा है
मन में शांति और निर्मलता।

मां तेरी धरती हमें सीखाती
धैर्यवान और क्षमाशीलता,
मां तेरे वृक्ष हमें सीखाते
दूसरे के लिये अर्पित हो जाओ।

मां तेरी नदियाँ यह बताती
सबको आगे बढ़ते जाना है,
ऋषि मुनियों ने दिया संदेश
सब के प्रति प्रेम जगाओ।

तेरी इस धरती को हम सब
शत् – शत् वंदन करते है,
बढे़ भाग्य से यह जीवन
भारत मां की गोद में हम पाये है।

कवि का परिचय
कालिका प्रसाद सेमवाल
अवकाश प्राप्त प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा।
निवास- मानस सदन अपर बाजार रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड।