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July 25, 2026

शिक्षक एवं कवि रामचंद्र नौटियाल की कविता-आज सुबह

आज सुबह से
एक बात मेरे मन को
कचोट रही थी
आज रविवार था
पर हल्का सा मुझे बुखार था
जब मैं चलने लगा
उठने लगा
बैठने लगा,
बरबस ना जाने
क्यों बेचैनी होने लगी
अचानक मां
मुझे याद आने लगी
मां की एक एक बात
मेरे दिलो दिमाग
पर छाने लगी
मां मुझे कहती थी
कब घर आयेगा ?
पहले पिताजी
भी यही कहा करते थे
अब नही कहता कोई
कब घर आयेगा?
बहुत बड़ी याद आने लगी
मेरी एक एक बुराई
और कमजोरी बताती थी मां
एक एक ताकत और अच्छाई
बताती थी मां
जब जब मुसीबत में होता हूं
या खुशी में
तब तब याद आती है मां
कवि का परिचय
रामचन्द्र नौटियाल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़थ विकासखंड चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी में भाषा के अध्यापक हैं। वह गांव जिब्या पट्टी दशगी जिला उत्तरकाशी उत्तराखंड के निवासी हैं। रामचन्द्र नौटियाल जब हाईस्कूल में ही पढ़ते थे, तब से ही लेखन व सृजन कार्य शुरू कर दिया था। जनपद उत्तरकाशी मे कई साहित्यिक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं।