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August 26, 2026

टीबी जागरुकता को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट का अभियान, लोगों को दी लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी

विश्व टीबी (तबेदिक) दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून में डोईवाला स्थित हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट की ओर से वृहद जागरुकता अभियान चलाया गया। अस्पताल के श्वास एवं छाती रोग विभाग सहित कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग व पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मौजूद लोगों को पोस्टर प्रदर्शनी जरिये टीबी के लक्षण, बचाव व उपचार की लोगों को जानकारी दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट के उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरएस सैनी व विभागाध्यक्ष डॉ. राखी खंडूरी ने संयुक्त रुप से जागरुकता शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। डॉ. सैनी ने कहा कि विश्व टीबी दिवस को मनाए जाने के पीछे कारण है लोगों को इस रोग की गंभीरता को लेकर जागरुक करना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विभागाध्यक्ष डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि इस वर्ष वर्ल्ड टीबी डे की थीम है ‘हां! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं!’ इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी सहित क्विज, सेमिनार आदि विभिन्न एक्टिविटी आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. सुशांत खंडूरी, डॉ.मनोज कुमार, डॉ.राहुल गुप्ता आदि ने संचालन में सहयोग दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कुपोषण टीबी का मुख्य कारण
हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट की डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि पर्याप्त भोजन की कमी भारत में टीबी या तपेदिक का मुख्य कारण है। स्वस्थ लोगों की तुलना में कुपोषित लोगों में टीबी होने की संभावना चार गुणा बढ़ जाती है। उपचार के दौरान बीच में दवा छोड़ने से गंभीर टीबी गंभीर हो सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

300 टीबी रोगियों को हर माह पोषाहार किट का निशुल्क वितरण
भारत सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वामी राम हिमालनय विश्वविद्यालय की ओर से 300 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। डोईवाला, हरिद्वार व ऋषिकेश के 300 रोगियों को प्रत्येक माह निशुल्क पोषाहार किट देने के साथ जांच एवं उपचार में सहयोग किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

टीबी के यह हो सकते हैं लक्षण
खांसी, बुखार, सीने में दर्द, सांस से जुड़ी समस्या, खूनी बलगम, वजन कम होना और भूख कम होना टीबी के लक्षण हैं।
टीबी से बचाव
रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बूस्ट करें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं, प्रदूषण, धूल-धुआं और दूषित हवा से बचें, टीबी के मरीज मास्क पहनकर दूसरों से मिलें।
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