जल संस्थान के 2500 कर्मियों के लिए कोई रास्ता निकाले सरकारः अभिनव थापर
रिक्त पदों पर संविदाकर्मियों को समायोजित करने, सरकार से स्वीकृत मानदेय देने की मांग को लेकर उत्तराखंड जल संस्थान के देहरादून में नेहरू कालोनी स्थित मुख्यालय में जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ का धरना आज 26वें दिन भी जारी रहा। इसके साथ ही आज क्रमिक अनशन का 20वां दिन है। ये संविदाकर्मी आउट सोर्स ऐजेंसियों के माध्यम से करीब 25 साल से अधिक समय से कार्यरत हैं। विभाग से अभी तक उनकी कई वार्ताएं हुई, जो की विफल रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आज धरनास्थल पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर पहुंचे और उन्हें संविदा कर्मियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार सिर्फ युवाओं के साथ रोजगार में धोखा कर रही है। विधानसभा बैकडोर भर्ती से अपने रिश्तेदारों को बिना नियम लगा दिया। वहीं, 20-25 वर्षों से काम कर रहे 2500 से अधिक कर्मचारियों के लिये नियम बनाने में दिक्कत हो रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन कर्मचारियों के शोषण को बंद करना चाहिए। इनकी मांग मानने पर सरकार पर कोई ज्यादा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इन कर्मचारियों के लिए कोई रास्ता निकालना चाहिए। पूर्व पार्षद अमित भंडारी ने कहा कि जल संस्थान कर्मचारियों की मांगों को सरकार को मानना चाहिए व इनको सरकारी स्वीकृत मानदेय मिलना चाहिए। धरने पर संघ के अध्यक्ष संजय कुमार, महामंत्री मंगलेश लखेड़ा, बलबीर पायल, प्रवीण बोहरा, चंद्रमोहन खत्री, आशीष द्विवेदी, सुरजीत डोबरियाल आदि बैठे रहे। साथ ही उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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