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July 28, 2026

पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार के नौकरियों के दावे पर उठाए सवाल, कहा-विभागवार बताएं पदों की संख्या

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भाजपा पर कड़ा तंज कसा। साथ ही सीएम की ओर से की गई नौकरियों की घोषणा पर सवाल उठाए।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भाजपा पर कड़ा तंज कसा। साथ ही सीएम की ओर से की गई नौकरियों की घोषणा पर सवाल उठाए। कहा कि प्रदेश का नौजवान पूछ रहा है नौकरियां कहां है। यदि सरकार प्रदेश में रिक्त पद भरने जा रही है तो ये भी बता देना चाहिए कि किस विभाग में कितने पद हैं।
सोशल मीडिया में अपनी पोस्ट को लेकर चर्चा में रहने वाले हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में कहा कि- जबसे भारतीय जनता पार्टी की चला चली की बेला अर्थात सरकार का आखरी वर्ष शुरू हुआ है। पहले मुख्यमंत्री जी ने (750000) साढ़े सात लाख नौकरियां दे दी हैं। इसकी घोषणा की और भाजपा के दोस्तों ने बड़ा शोर मचाया।
अब दूसरे मुख्यमंत्री जी को लगा कि यह आंकड़े कुछ ज्यादा हो गये हैं तो वह संशोधित करके इस आंकड़े को 24 हजार नौकरियों तक लेकर के आये। उन्होंने कहा हम 24000 पदों पर अभी भर्तियां कर रहे हैं या कर चुके हैं। बेरोजगार नौजवान चिल्लाए कि वो भर्तियां हुई कहां हैं? आपने तो जिन पदों में भर्तियां हुई थी उनमें भी रोक लगा दी है। तो तीसरे मुख्यमंत्री जी ने भी फिर से आंकड़ा संशोधित करके अब 22000 नौकरियां देने का संकल्प पारित किया है। और यह दर्शाने की कोशिश की है, जैसे ये अब कानूनी अधिकार बन गया हो। संकल्प पारित।
हरीश रावत ने आगे लिखा कि- मैं बहुत विनम्रता से भाजपा को सलाह देना चाहता हूं कि वो कुछ नहीं, वो केवल 2200 पदों पर नौकरियां कहां-कहां, किस विभाग में दे रहे हैं और उसकी सूची जरा प्रकाशित कर दें। तो लोग जरा देख तो सकें कि यदि पूरी फिल्म नहीं है नौकरियों की तो, एक झलक तो दिखा दें।
उन्होंने कहा कि- नये मुख्यमंत्री जी नौजवान हैं। उन्हें नौजवानों से संवाद कर यह पूछना चाहिए कि कहां-कहां उनके सामने दिक्कतें हैं और जिन नौकरियों को हम कह रहे हैं कि उनको मिल गई हैं। यदि उनको नहीं मिली है तो बताएं। वो वास्तविक स्थिति आईना बता देंगे मुख्यमंत्री जी को। तो ये प्रचार तंत्र से चुनाव जीते जा सकते हैं, लोगों को नौकरियां नहीं दी जा सकती हैं। इसे समझना होगा।