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August 8, 2026

विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दर बढ़ाने का प्रस्ताव लौटाया, संशोधित प्रस्ताव देने को कहा

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में महंगी बिजली का उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का प्रस्ताव लौटा दिया है। इस प्रस्ताव में बड़ी खामी बताई जा रही है। यूपीसीएल ने प्रस्ताव में नियमविरुद्ध तरीके से 6.5 फीसदी बढ़े हुए सरचार्ज को भी शामिल कर लिया है, जबकि ये सरचार्ज मार्च 2023 तक ही लागू है। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

यहां ये बात भी गौर करने वाली है कि ऊर्जा निगम एक साल में तीन बार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी कर चुका है। ये बढ़ोत्तरी 26 पैसे से लेकर 1.11 रुपये प्रति यूनिट तक की गई है। एक अप्रैल से बिजली की दरों में 2.68 फीसद की वृद्धि हुई। सितंबर में 3.85 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के बाद अक्टूबर में सात पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए गए। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

यूपीसीएल ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करने के बाद 15 दिसंबर को नियामक आयोग में टैरिफ बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत निगम ने घरेलू दरों में पांच प्रतिशत, गैर घरेलू में 7.8 प्रतिशत, पब्लिक यूटिलिटी में नौ प्रतिशत, उद्योगों में सात से आठ प्रतिशत, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के लिए पांच प्रतिशत और रेलवे के लिए चार प्रतिशत बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। (खबर जारी, अगले पैरे पर देखिए)

इसका अध्ययन करने के बाद नियामक आयोग ने पाया कि यूपीसीएल ने 6.5 फीसदी बढ़े हुए सरचार्ज को मार्च के बाद भी खुद ही लागू मानते हुए टैरिफ तैयार किया है। आयोग ने प्रस्ताव लौटा दिया है। नियामक आयोग के सदस्य तकनीकी एमके जैन ने बताया कि यूपीसीएल को 26 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव देने को कहा गया है।