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July 31, 2026

दून की क्रिकेटर स्नेह राणा ने रचा इतिहास, पहले गेंदबाजी में किया कमाल, फिर बल्लेबाजी में दम दिखाया, भारत को हार से बचाया

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र क्रिकेट टेस्ट मैच ड्रॉ करा दिया। भारत को हार से बचाने में ऑलराउंडर स्नेह राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र क्रिकेट टेस्ट मैच ड्रॉ करा दिया। भारत को हार से बचाने में ऑलराउंडर स्नेह राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दून की क्रिकेटर स्नेह राणा ने पहले गेंदबाजी में अपना कमाल दिखाकर मैच में पहले तो 4 विकेट चटकाए, फिर भारत की फॉलोऑन पारी में बल्ले से कमाल दिखाते हुए नाबाद 80 रन बनाए। स्नेह राणा ने इस यादगार प्रदर्शन को अपने दिवंगत पिता को‌ समर्पित किया।
उत्तराखंड की बेटी स्नेह को पांच साल पूर्व मैच के दौरान ही घुटने में चोट लग गई थी। इसका आपरेशन कराना पड़ा था। इस कारण स्नेह को मैदान से दूर रहना पड़ा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और टीम में वापसी करने के लिए मेहनत करती रही। देहरादून में वह लिटिल स्टार क्रिकेट एकेडमी से क्रिकेट खेलती रहीं। स्नेह राणा ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर टीम इंडिया में जगह बनाई। उन्होंने बताया कि टीम लिस्ट जारी होने से कुछ ही दिन पहले स्नेह के पिता का देहांत हो गया था। स्नेह राणा के पिता उन्हें भारतीय टीम से खेलते देखना चाहते थे। वह अपने पिता के सपने को साकार कर रही हैं। उन्हें अपने शानदार प्रदर्शन को पिता के नाम समर्पित किया।

ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर मैच के आखिरी दिन फॉलोऑन खेलते हुए भारतीय ने 240 रनों पर अपने 8 विकेट खो दिए थे। ऐसे में अपना डेब्यू टेस्ट खेल रहीं स्नेह राणा और विकेटकीपर तानिया भाटिया ने नौवें विकेट के लिए 124 रनों की नाबाद साझेदारी कर टीम को हार से बचा लिया। स्नेह ने अपनी पारी में 154 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके जमाए, जबकि तानिया 88 गेंदों में 44 रन बनाकर नाबाद रहीं।
27 साल की स्नेह राणा ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि मैंने दो महीने पहले अपने पिता को खो दिया था। यह काफी मुश्किल और भावनात्मक क्षण था क्योंकि वह मुझे भारत के लिए फिर से खेलते देखना चाहते थे। दुर्भाग्य से वह नहीं देख सके। मैंने जो कुछ भी किया और और आगे जो भी करूंगी, वह उन्हीं को समर्पित होगा।
एक दिन पहले शैफाली वर्मा ने इसी मैदान पर इतिहास रचा था। वह डेब्यू टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। वह ऐसा करने वाली दुनियां की चौथी महिला क्रिकेट रहैं। साथ ही दोनों पारियों में वह दुनियां में सबसे कम उम्र की महिला भी बना गई। शैफाली वर्मा डेब्यू टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चौथे नंबर पर पहुंच गई हैं।