शोर ना मचाओ कहीं सरकार जाग जाएगीः जानिए कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने क्यों कहा ऐसा
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य वक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है।उन्होंने कहा कि पिछले ती दिनों से जिस तरह की खबरें प्रदेश भर से और खासकर के अस्थाई राजधानी देहरादून जहां मंत्री और संत्रियों की फौज रहती है, वहां से आ रही हैं, वह अपने आप में चिंतनीय और घबराहट उत्पन्न करने वाली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दसौनी ने कहा कि हल्द्वानी जेल में 50 से अधिक लोगों के एचआईवी पॉजिटिव होने की खबर बहुत गंभीर है। दसौनी ने सवाल करते हुए कहा कि जेल प्रशासन आखिर कौन सी कुंभकरण की नींद में सोया हुआ था? कैदी आपस में इंजेक्शन सिरिंज एक्सचेंज कर रहे थे। या फिर उनके बीच में शारीरिक संबंध थे। सरकार को इसका सच सबके सामने लाना होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं दसौनी ने नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की हुई मौत और नशा मुक्ति केंद्र के लापरवाह रवैया को खतरनाक बताया। दसौनी ने कहा कि परिजन बहुत आशाओं और अपेक्षाओं के साथ अपने चहेतों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाते हैं। ताकि नशा छुड़वा कर उनकी जिंदगी बचा सके। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो फिर इन केंद्रों पर कौन यकीन करेगा? दसौनी ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। एक महीने के अंदर नशा मुक्ति केंद्र में युवा मौत का यह दूसरा वाक्या है। बीते रोज प्रेम नगर में एक बुजुर्ग महिला की हत्या दिल दहला देने वाली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गरीमा दसौनी ने कहा कि पिछले दिनों भंडारी बाग में भी ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसमें दिनदहाड़े अकेली रहने वाली महिला का गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। गरिमा ने पूछा कि आखिर पुलिस प्रशासन का इकबाल अपराधियों में कम क्यों हो रहा है? पुलिस प्रशासन और शासन मूकदर्शक क्यों बने हुए हैं? दसोनी ने कहा कि पुलिस प्रशासन भले ही अपनी पीठ कितनी भी थपथपाये लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि आज प्रदेश की जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। इन वारदातों से देवभूमि कलंकित हो रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दसौनी ने कहा कि शासन प्रशासन को अपनी कुंभकरण की नींद से जागना होगा और प्रदेश की जनता जिसने प्रचंड बहुमत की सरकार को चुना है। उसे जनता को आश्वस्त करना होगा कि राज्यवासी सुरक्षित है। दसौनी ने कहा कि धामी सरकार कानून व्यवस्था से ज्यादा लैंड जिहाद और लव जिहाद पर फोकस कर रही है। जिससे आम जनता का कोई लेना देना नहीं है। गरिमा के अनुसार यही कारण है कि उत्तराखंड में कोई भी इन्वेस्टर्स आने से हिचकिचा रहे हैं क्योंकि उत्तराखंड का संदेश सुरक्षित प्रदेश का नहीं जा रहा है जो कि राज्य के लिए अत्यंत चिंतनीय विषय है।



