Video: केदारनाथ विधायक के खिलाफ दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पर दृष्टिबाधितों का प्रदर्शन, 14 नवंबर को उत्तराखंड में प्रदर्शन
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में फाटा हेलीपैड पर पवनहंस कंपनी के मैनेजर से केदारनाथ विधायक की ओर से की गई मारपीट के विरोध की आग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने घटना के विरोध में आज शुक्रवार 12 नवंबर की शाम चार बजे से 6:00 बजे तक दिल्ली में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर तय किया गया कि उत्तराखंड में भी सीएम आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही केंद्र और राज्य स्तर पर इस मामले को उठाया जाएगा।इस मौके पर राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के महासचिव श्री एसके रूंगटा ने तीन नवंबर की घटना का जिक्र किया। साथ ही कहा कि ये विनोद तिवारी के आत्मसम्मान को ठेस नहीं है, बल्कि देश के पूरे दृष्टिबाधित समाज के आत्म सम्मान को ठेस पहुंची। इसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैने रुद्रप्रयाग के डीएम से भी बात की है। परसों यानी कि 14 नवंबर को देहरादून में भी प्रदर्शन होगा। यदि विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो उच्च न्यायालय का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए.
राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की अध्यक्षा प्रोफेसर कुसुम मालिक ने कहा कि तीन नवंबर को दृष्टिबाधित अधिकारी वी सी तिवारी जो कि पवन हंस फाटा केदारनाथ में प्रबंधक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके साथ केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने जो दुर्व्यवहार किया है, इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सभा के तत्पश्चात कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल को राष्ट्रीय दृष्टि संघ की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसके माध्यम से मांग की गई है कि केदारनाथ विधायक मनोज रावत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। यह ज्ञापन कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी जी को संबोधित कर दिया गया।
ये हैं विधायक पर आरोप
आरोप है कि तीन नवंबर को केदारनाथ जाने के लिए क्षेत्रीय विधायक मनोज रावत रुद्रप्रयाग जिले में फाटा स्थित पवनहंस कंपनी के हेलीपैड पर पहुंचे। यहां उन्होंने मैनेजर विनोद तिवारी को बताया कि उन्हें केदारनाथ में सीएम के कार्यक्रम में जाना है। इसके लिए उन्हें बुलाया गया है। इस पर मैनेजर ने कहा कि फ्री उड़ान के संबंध में अभी कोई अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वह चेक कर रहे हैं। साथ ही अन्य उच्च अधिकारियों से बात कर रहे हैं। यहां ये भी बताना जरूरी है कि मैनेजर दृष्टिबाधित हैं। आरोप है कि विधायक ने मैनेजर की पिटाई कर दी। इस काम में उनके समर्थक भी आगे रहे। यहां तक मैनेजर के कपड़े तक फाड़ दिए गए हैं। इस घटना के विरोध में समस्त हेली कंपनियों ने दो घंटे सेवाएं भी बाधित रखी। केदारनाथ धाम में सेवा कर रहे दिव्यांग मैनेजर पर ही उल्टे विधायक आरोप लगा रहे हैं। विधायक की ओर से आरोप लगाए गए कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें दांत काटा गया है। दृष्टिहीन व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। इस संबंध में मैनेजर ने पुलिस को तहरीर भी दी है। वहीं, इसके उलट विधायक मनोज रावत ने पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।



