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October 22, 2026

दिल्ली के उप राज्यपाल ने की आप सरकार की आबकारी नीति की सीबीआइ से जांच की सिफारिश, जांच के घेरे में आएंगे डिप्टी सीएम

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार की आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के उल्लंघन तथा प्रक्रियागत खामियों को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की है।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार की आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के उल्लंघन तथा प्रक्रियागत खामियों को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की है। ऐसे में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जांच के घेरे में आ सकते हैं। काफी समय से आप नेता मनीष सिसोदिया ये संभावना जता रहे थे कि उन्हें बीजेपी किसी बड़े मामले में फंसाने का षडयंत्र रच रही है। वहीं, अब आम आदमी पार्टी ने कहा कि ये सिर्फ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को फंसाने का षडयंत्र है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली के मुख्य सचिव की इस महीने की शुरुआत में सौंपी गयी रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी है। इस रिपोर्ट से प्रथम दृष्टया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम, 1991, व्यापारिक लेनदेन की नियमावली-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 और दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के उल्लंघनों का पता चलता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि इसके अलावा रिपोर्ट में शराब के ठेकों के लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के लिए जानबूझकर और घोर प्रक्रियागत खामियां करने’ का भी जिक्र है। नयी आबकारी नीति 2021-22 पिछले साल 17 नवंबर से लागू की गयी थी। इसके तहत 32 मंडलों में विभाजित शहर में 849 ठेकों के लिए बोली लगाने वाली निजी संस्थाओं को रिटेल लाइसेंस दिए गए। कई शराब की दुकानें खुल नहीं पायी. ऐसे कई ठेके नगर निगम ने सील कर दिए। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने इस नीति का पुरजोर विरोध किया था। साथ ही इसकी जांच के लिए उपराज्यपाल के साथ केंद्रीय एजेंसियों में शिकायत दर्ज करायी थी।

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