कमल के फूल पर विवाद करना कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच: मनवीर सिंह चौहान
उत्तराखंड भाजपा ने श्री बद्रीविशाल के कपाट बंद होने के अवसर पर कमल के फूलों को लेकर विवाद खड़ा किये जाने को कांग्रेस की सनातनी संस्कृति विरोधी सोच बताया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि कमल का फूल भगवान विष्णु के हाथों में शोभायमान रहता है। इसी फूल पर ही माता लक्ष्मी विराजती है व कमल से माता की विशेष पूजा होती है साथ ही कमल का फूल राष्ट्रीय पुष्प भी है, लेकिन कांग्रेस में न धर्म का सम्मान है और न ही राष्ट्रीय प्रतीकों का। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)चौहान ने सोशल मीडिया पर श्री बद्रीनाथ धाम में कमल के फूल वाले कट आउट लगाए जाने पर उठे विवाद को लेकर काँग्रेस की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कांग्रेस नेताओं का सनातन संस्कृति एवं भाजपा का विरोध बहुत निचले स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा या तो मंदिर में कमल के फूल का विरोध करने वालों को कमल पुष्प का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व नही मालूम या फिर वह भाजपा विरोध की पराकाष्ठा में सभी हदों को पार कर चुके हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि माता लक्ष्मी , माँ सरस्वती भगवान ब्रह्म ने कमल के फूल को अपना आसन बनाये है और पूजा के लिए भी कमल के फूल को पुराणों में भी श्रेष्ठ माना गया है।इतना ही नही महान अशोक के शिलालेखों में भी कमल का चित्र खुदा हुआ है और इन तमाम महत्व के चलते ही इसे राष्ट्र पुष्प घोषित किया गया। मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर जब जी 20 की बैठक के लोगो में राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक कमल को शामिल किया गया तो इन्हें आपत्ति हुई और अब भगवान विष्णु के मंदिर में कमल पुष्प पर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दरअसल काँग्रेस को कमल और भाजपा ही नही, हिन्दू संस्कृति और उसके सभी प्रतीकों से ही नफरत है।



