राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने के विरोध में कांग्रेसियों ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की वायनाड से लोकसभा सांसद के रूप में सदस्यता समाप्त किये जाने के खिलाफ आज देहरादून में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। साथ ही इस फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना, देहरादून महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में कैंट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा। वहां उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने के निर्देश जारी करने की मांग की। अपर जिलाधिकारी शिवकुमार बर्निवाल को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि जिस प्रकार राहुल गांधी पर एक कथन जो उनका था ही नहीं, उस पर दूसरे राज्य में आपराधिक मानहानि का वाद दायर किया गया। साथ ही गलत तथ्यों के आधार पर राहुल गांधी को असाधारण सज़ा जो मानहानि का मामले में सर्वाधिक दो साल है, निर्धारित कर फिर उसे 30 दिनों तक स्थगित किया गया। वहीं, 24 घण्टे के अंदर उस स्थगित सज़ा के बावजूद भी राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त करने का काम किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यह एक पूरा षडयंत्र है, जो अलोकतांत्रिक व अविवेकपूर्ण फैसला है। इस फैसले से देश विदेश सब जगह भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं। पूरे भरावर्ष में जनता में इस पूरे प्रकरण में सरकार के विरुद्ध भारी आक्रोश है व भारतीय लोकतंत्र व संविधान के बारे में देश विदेश सब जगह लोग चिंतित हैं। धस्माना व डॉक्टर जसविंदर सिंह के साथ प्रमुख लोगों में यमुना कालौनी ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, प्रेमनगर ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र तनेजा, कांवली ब्लॉक अध्यक्ष विक्रांत राठी, महानगर उपाध्यक्ष अभिषेक तिवारी, प्रवीण कश्यप, शुभम सैनी, सलीम अंसारी, पिया थापा, घनश्याम वर्मा, राम बाबू भी ज्ञापन देने वाले लोगों में प्रमुख रूप से शामिल थे।



