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July 5, 2026

हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को कांग्रेस ने बताया पीएम का झूठ, सिख समाज से की ये अपील

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने हेमकुंड साहिब में रोपवे परियोजना को भाजपा सरकार की उपलब्धि बताने पर पीएम मोदी का झूठ बताया।

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने हेमकुंड साहिब में रोपवे परियोजना को भाजपा सरकार की उपलब्धि बताने पर पीएम मोदी का झूठ बताया। उन्होंने सिख समाज से अपील की है कि ऐसे भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही कहा कि जब भी भाजपा नेता उन्हें मिलें तो उनसे सवाल जरूर करें कि उन्होंने सिख समाज के लिए अब तक क्या किया।
एक बयान में उन्होंने कहा कि हाल ही में केदारनाथ में पीएम मोदी ने हेमकुंड परियोजना का जिक्र किया। इसे सरकार की उपलब्धि के रूप में महिमामंडित किया गया। यही नहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने कहा कि ये कथन यह एक सफेद झूठ है। यह ऐतिहासिक फैसला नहीं है, इसके अगर आप इतिहास में जाएं 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया था। 2016 उसका शिलान्यास कराया और एक विस्तृत डीपीआर रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई। इस पर तमाम बैठकें भी आयोजित की गई। जब तक इस पर कोई आगे कार्रवाई होती, भारतीय जनता पार्टी ने 2016 में लोकतंत्र की हत्या करते हुए मार्च 2016 में कांग्रेस की सरकार को गिराने का दुष्कृत्य किया। इसके बाद यह परियोजना धरी की धरी रह गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार सत्ता में आई और 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस प्रस्ताव को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कैबिनेट से पारित करवाया। योजना के लिए लगभग 311 करोड रुपए स्वीकृत कराए, उसके बाद भी इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज 2021 में पुष्कर सिंह धामी की सरकार को अपनी नैया डूबती हुई दिख रही है। बहुत बड़ी संख्या में किसान सरकार से नाराज है। ऐसे में उत्तराखंड में सिखों को रिझाने के लिए धामी सरकार ने योजना को ठंडे बस्ते से बाहर निकाला है।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को मात्र 3 महीने ही रह गए। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अपने उत्तराखंड दौरे में इस योजना का जिक्र करना मात्र सिखों के लिए लॉलीपॉप देना है। हकीकत यह है कि डेढ़ महीने के भीतर राज्य में आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में पुष्कर सिंह धामी का यह कहना कि यह प्रधानमंत्री मोदी जी का ऐतिहासिक फैसला है, यह हमारे लिए बहुत अचंभे की बात है। उन्होंने कहा कि इन्हें चुनाव के समय में ही हेमकुंड साहिब रोपवे की याद क्यों आई और पिछले 5 सालों में इस योजना को आगे बढ़ाने में एक कदम भी भाजपा ने क्यों नहीं लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के सिख समाज को बरगलाना बंद करें और साथ में भाजपा सरकार यह भी बताएं कि अपने पूरे कार्यकाल कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी ने सिखों के अन्य मसले जैसे ज्ञान गोदड़ी, सिखों का आनंद मैरिज एक्ट, पंजाबी अकादमी, अल्पसंख्यक श्रेणी में कितने सिखों को रोजगार व स्वरोजगार दिया गया तथा अल्पसंख्यक आयोग के तहत कितना योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कितने सिख समाज के लोगों सरकारी पदों पर सुशोभित किया है। मेरी मांग है कि राज्य सरकार सरकार इस पर एक श्वेत पत्र जारी करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रोपवे परियोजना को ऐतिहासिक बताने व श्रेय लेने से पहले सिखों के लिए अपने 5 साल के किये कामों का उल्लेख करें।
अमरजीत सिंह ने कहा कि मेरा सिख समाज के अन्य नेताओं से भी आग्रह है कि इस प्रकार भाजपा के नेताओं का शाल पहनाकर और धन्यवाद ज्ञापित करें। साथ ही उन्हें आज तक राज्य सरकार से क्या हासिल हुआ है और जो भी हासिल हुआ है, उसे अपने सिख समाज के साथ सांझा करें। इनका फर्ज बनता है कि यह आज की भाजपा सरकार से सवाल करें। नाकि केवल फोटो मात्र के लिए इन के द्वार पर परिक्रमा करें।