अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कांग्रेस ने महिला सम्मान व विचार गोष्ठी का किया आयोजन, राज्य में विकास की धुरी है महिलाः सूर्यकांत धस्माना
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में विकास की कल्पना महिलाओं योगदान के बिना नहीं कर सकते हैं। सही बात तो यह है कि पूरे पहाड़ का अस्तित्व महिला पर ही निर्भर है। क्योंकि वह विकास की धुरी है। धस्माना देहरादून के प्रेमनगर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान एवं उत्तराखंड में मातृशक्ति की भूमिका विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखंड के विकास में मातृशक्ति के योगदान की बात करते हैं तो हमें उत्तराखंड के पहाड़, पहाड़ों के सीढ़ी नुमा खेत, पहाड़ के जंगल, घरेलू व जंगली जानवर, घरों का ईंधन, चूल्हा, इन सब को तस्वीर के साथ साथ दिखाई देता है। पहाड़ की महिला की तस्वीर कभी घास, लकड़ी काटते हुए तो कभी घर से बहुत दूर पानी सर पर लाते हुए, तो कभी चूल्हा जलाते खाना पकाते और परोसते तो कभी खेत पर बुआई जुताई व कटाई करते तो कभी घर के मवेशियों को चारा देते तो कभी जंगली जानवरों से संघर्ष करते हुए नजर आती हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि पहाड़ की महिला का जीवन पहाड़ की तरह ही कठिन व जटिल है। इसलिए उत्तराखंड में महिलाओं को केंद्र में रख कर सारी नीति रीति बननी चाहिए। महिला शसक्तीकरण की दीर्घकालीन नीति बनाई जानी चाहिए। आज जब हम राज्य का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहे हैं, ऐसे में राज्य की सारी राजनैतिक लीडरशिप को महिलाओं के कल्याण व उनके शसक्तीकरण का संकल्प लेना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि किसी भी समाज के आर्थिक सामाजिक व शैक्षणिक स्तर का अंदाजा उस समाज की महिलाओं की स्थिति को देख कर लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में राज्य की मातृशक्ति का बड़ा संघर्ष और बलिदान का इतिहास रहा है और इसी से कोई भी इस बात का अंदाजा लगा सकता है कि उत्तराखंड की माताएं जिन बच्चों को जन्म देती हैं, वो बड़े हो कर देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार रहते हैं। इसीलिए उत्तराखंड में देश की सेना में सबसे ज्यादा भागीदारी उत्तराखंड के युवाओं की होती है और देश के लिए जान देने वाले भी सबसे ज्यादा शहीद उत्तराखंड के ही होते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गोष्ठी में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र तनेजा, प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित खन्ना, प्रेमनगर कांग्रेस अध्यक्ष मोहित ग्रोवर, सायरा बानो ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री सुशीला बेलवाल शर्मा ने किया। गोष्ठी के उपरांत प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धस्माना ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को उपहार प्रदान कर सम्मानित किया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


