सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल की सफलता पर कांग्रेसियों ने भी लगाई मुहर, पूर्व विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर दी बधाई
किसी व्यक्ति के कार्यकाल पर बधाई देने का एक अर्थ ये भी निकलता है कि बधाई देने वाला उसके कार्यकाल से संतुष्ट है। अब उत्तराखंड में ही देख लो। मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी ने पांच साल का समय पूरा कर लिया है। इसे भी बीजेपी और सरकार ने प्रचार के रूप में एक इवेंट बना दिया है। मजेदार बात ये है कि बधाई देने वालों तांता लगा हुआ है, जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है। अब बधाई देने वालों को भी जान लीजिए। जहां सरकार की पांच साल की विफलताओं को लेकर कांग्रेस के नेता सरकार पर हमलावर हैं। वही, कांग्रेस के पूर्व विधायक सरकार सीएम धामी को पांच साल के कार्यकाल पर बधाई दे रहे हैं। यानी सरकार के कामकाज की सफलता पर मुहर लगा रहे हैं। इसी बात पर एक गाना भी याद आ गया- मैं इधर चला, मैं उधर चला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है मामला
सरकारी मीडिया सूचना विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट ने पूर्व विधायकों के बधाई देने वालों के नाम पर सीएम धामी की छवि को चमकाने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनके सीएम पद पर सर्वाधिक कार्यकाल को लेकर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। हालांकि, बधाई देने वालों में शामिल दो कांग्रेसी पूर्व विधायकों ने शायद की धामी के पांच साल के कार्यकाल को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की कि वह रोजगार के मामले, महंगाई के मामले, पेपर लीक रोकने के मामले, नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में, बढ़ते पेट्रोल के दाम पर राज्य सरकार की ओर से वैट में कितनी छूट दी गई है। ये सवाल इन नेताओं के पास नहीं हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पेट्रोल और डीजल पर भी राज्य सरकार ने नहीं दी छूट
यहां ये भी बताना जरूरी है कि राज्य सरकार उत्तराखंड में पेट्रोल पर लगने वाले अलग-अलग टैक्स के रूप में वैट (VAT) लगाती है। यह वैट मूल्य का लगभग 21 प्रतिशत है। उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल पर और कर छूट नहीं है। उत्तराखंड सरकार लगभग ₹16.82 प्रति लीटर (या परिवर्तनीय वैट) वसूलती है। उत्तराखंड में पेट्रोल पर लगने वाले अलग-अलग टैक्स करीब 21 फीसद के आसपास होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सरकार ने विपक्ष के पूर्व विधायकों को किया एक्सपोज
सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में पूर्व विधायकों एक्सपोज किया गया है। इनमें दो कांग्रेसी हैं। दो यूकेडी के हैं और बाकि बीजेपी से जुड़े हैं। बीजेपी से जुड़े पूर्व विधायकों में भी कुछ कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में गए हैं। उन्हें कोई ठोर और ठिकाना नहीं मिला है। वे भी अलग थलग पड़े हैं। हो सकता है कि उनकी अपनी निजी मजबूरी हो। इस पर हम कुछ नहीं कहेंगे। बस इतना कहेंगे कि इन सबने सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल की बधाई देकर उनके कार्यों की सफलता पर अपनी मुहर लगा दी है। अब सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट को देखिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट, सर्वाधिक कार्यकाल के लिए दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यों की कर गए सराहना
प्रेस नोट में कहा गया कि पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रेस नोट में ये भी लिखा गया कि- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की। मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य, जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अब देखिए बधाई देने वाले एक पूर्व विधायक का प्रेस नोट
देहरादून में राजपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ने बधाई देने वाले प्रकरण को छिपा दिया और सीएम धामी से मुलाकात और जनसमस्याओं की और उनका ध्यान आकर्षित करने का प्रेस नोट जारी किया। अब आप इस प्रेस नोट को भी पढ़ सकते हो। इसमें जो लिखा है, उसमें मात्रा और बिंदु की त्रुटियों को छोड़कर हम कोई फेरबदल नहीं कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है प्रेस नोट का मज़मून
देहरादून। पूर्व विधायक राजकुमार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर राजपुर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं से अवगत कराया तथा उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने इंद्रिया मार्केट री-डेवलपमेंट योजना से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि वर्षों पहले शुरू हुई यह परियोजना आज तक अधूरी पड़ी है, जिससे व्यापारियों एवं आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए व्यापारियों से 5,000 रुपये का एमओयू (MOU) हस्ताक्षरित कराया गया था, लेकिन लगभग 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने शेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कर पार्किंग एवं यातायात की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राजकुमार ने परियोजना की खुदाई के दौरान निकली करोड़ों रुपये मूल्य की मिट्टी एवं अन्य सामग्री का स्पष्ट हिसाब सार्वजनिक न होने पर संदेह व्यक्त करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा को वर्तमान स्थान पर ही बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि इस प्रतिमा से स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए इसका स्थान परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर बस्तियों में अवैध तरीके से तोड़फोड़ की जा रही है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिस परियोजना के तहत यह कार्रवाई की जा रही है, सरकार उस पर स्पष्ट स्पष्टीकरण दे। क्योंकि इससे क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान बनाई गई मालिकाना हक नियमावली का उल्लेख करते हुए पात्र लोगों को शीघ्र मालिकाना हक प्रदान किए जाने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भारी बारिश एवं बाढ़ के कारण कई स्थानों पर पुश्ते तथा सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, लेकिन आज तक उनके पुनर्निर्माण एवं मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बरसात के मौसम को देखते हुए इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने की मांग की, ताकि भविष्य में भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति में आबादी वाले क्षेत्रों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े। ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ने मुख्यमंत्री से सभी लंबित विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने तथा जनहित से जुड़े सभी मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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