Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 17, 2026

पांचों राज्यों में विचार विमर्श को कांग्रेस ने इन नेताओं को दी जिम्मेदारी, अभी भी पदों से चिपके हैं नेता, एक और नेता का इस्तीफा

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करारी हार का मुंह देखा। अब हार के कारणों का मंथन शुरू हो गया है।

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करारी हार का मुंह देखा। अब हार के कारणों का मंथन शुरू हो गया है। इस बार भी हार के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी पदों में बने हुए थे। इस पर नाराज कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी पाचों राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफा देने को कहा। तब जाकर प्रदेश अध्यक्षों ने तो त्यागपत्र दे दिए। इसके बावजूद अभी भी कई लोग इस्तीफे देने से बच रहे हैं। चाहे वे प्रदेश प्रभारी हों, या फिर प्रदेश उपाध्यक्ष, या महासचिव हों। हालांकि यूपी के चुनाव की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर थीं। यूपी में करारी हार के बाद प्रियंका गांधी से इस्तीफा नहीं मांगा गया। ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस की राजनीति परिवार से बाहर कब निकलेगी। जब प्रदेश अध्यक्ष इस्तीफा देते हैं, तो अन्य दूसरों को भी संगठन के पदों पर रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
पांचों राज्यों में होगी समीक्षा, इन नेताओं को दी गई जिम्मेदारी
अब खबर ये है कि कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष ने पांचों राज्यों में चुनाव हार की समीक्षा के लिए पांच नेताओं को नियुक्त किया है। इनमें गोवा के लिए रजनी पाटिल, मणिपुर के लिए जयराम रमेश, पंजाब के लिए अइजय माकन, उत्तर प्रदेश के लिए जितेंद्र सिंह, उत्तराखंड के लिए अविनाश पांडे को नियुक्त किया है। ये नेता चुनावी हार के कारणों पर रच्चा करेंगे। साथ ही संगठनात्मक परिवर्तन को लेकर भी विधायक प्रत्याशियों के साथ ही वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करेंगे। साथ ही भावी रणनीति बनाएंगे।
एक और पदाधिकारी ने दिया इस्तीफा
कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से चुनाव वाले राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफे मांगने के बाद उत्तराखंड में भी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि अन्य कार्यवाहक अध्यक्षों सहित अन्य पदाधिकारी अभी भी अपने पदों का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। क्योंकि चुनावी हार करा ठीकरा किसी भी संगठन में एक के जिम्मे फोड़ना गलत है। ऐसे में हार और जीत सामूहिक जिम्मेदारी होती है। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने भी पद से इस्तीफा दे दिया। अमरजीत सिंह के मुताबिक उत्तराखंड विधानसभा 2022 का चुनाव कांग्रेस पार्टी के सामूहिक नेतृत्व में लड़ा गया था। इसके अपेक्षित नतीजे प्राप्त ना होने पर वह भी प्रदेश के सोशल मीडिया सलाहकार के पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा लगातार करता रहेंगे। वैसे भी इन चुनाव में कांग्रेस का सोशल मीडिया बीजेपी के मुकाबले काफी कमजोर रहा। किसी कार्यक्रम की सूचना, फोटो और वीडियो तो जारी कर दी जाती रही, लेकिन कार्यक्रम में क्या हुआ इसके अक्सर प्रेस नोट तक जारी नहीं किए गए। ऐसे में कांग्रेस सोशल मीडिया की वार में पहले ही हार चुकी थी।

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।