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August 2, 2026

सीएम धामी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का किया स्वागत, माफियाओं की संपत्ति जब्त करेगी पुलिस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा भर्ती प्रकरण में आज विधानसभा अध्यक्ष की ओर से की गयी कार्यवाही का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण का निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रदेश जनता की अपेक्षाओं के अनुसार निर्णय लेकर सदन की गरिमा बढ़ाई है। हमें विश्वास है कि शीघ्र ही पूरे प्रकरण का विधि सम्मत समाधान निकलेगा और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैंने स्वयं भर्ती प्रकरण की निष्पक्ष जाँच और अनियमितता पाए जाने पर भर्तियों को निरस्त किए जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा हम राज्य के सभी नौजवानों और नागरिकों को आश्वस्त करते हैं कि राज्य सरकार आपकी आशाओं और अपेक्षाओं के अनुसार इन सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी। किसी भी मेहनतकश युवा के साथ अन्याय नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में अधीनस्थ सेवा चयन मामले में एसटीएफ जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

झूठ परोसने को कांग्रेस नेताओं मे चल रही प्रतिस्पर्धा: भट्ट
उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने और आरोप प्रत्यारोप मे प्रतिस्पर्धा का वातावरण होने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि विधान सभा मे भर्तियों को लेकर विधान सभा अध्यक्ष ने साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस संकल्प की पुष्टि हुई है की भाजपा हर काल खंड की जांच को लेकर गंभीर है और सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

भट्ट ने कहा कि कांग्रेस शोर मचाकर झूठ को सच साबित नही कर सकती है। जब जांच एजेंसियां निष्पक्ष रूप से सही दिशा मे कार्य कर रही है तो उन पर सवाल उठाना नैतिकता नही है। कांग्रेस का घपला घोटालों का इतिहास रहा है, लेकिन किसी भी काल खंड मे उसके द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जैसा नैतिक साहस नही दिखाया गया। चयन आयोग की जांच एसटीएफ कर रही है तो दरोगा भर्ती प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंपी गयी है। वहीं अब विधान सभा की भर्तियों की जांच को लेकर कमेटी गठित कर भाजपा ने जीरो टॉलरेंस के संकल्प को पुख्ता किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस मे एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ से कथित बयानबीर लोगों के बीच झूठ परोसकर नकारात्मक और निराशा का वातावरण बना रहे है। भाजपा युवाओं को न्याय दिलाने के लिए कमर कसकर खड़ी है और युवा मुख्यमंत्री धामी पहले ही कह चुके है की जहा भी गड़बड़ी होगी उसकी जांच होगी। वह भविष्य मे दोबारा ऐसा न हो इसके लिए पारदर्शी नीति के लिए जुटे है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई शुरू
मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति और माफियों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की ओर से एसटीएफ को नकल माफियों पर नकेल कसने का आदेश दिया था। इसमें संगठित होकर अपराधियों द्वारा अर्जित की जा रही अवैध संपत्ति के खिलाफ भी एक्शन लेने को कहा गया था। इसके बाद एसटीएफ उत्तराखंड की रिपोर्ट पर थाना रायपुर में 21 अभियुक्त पर गैंगस्टर अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज होने से आरोपियों की अवैध चल अचल संपत्ति को जब्त करने की विधिवत कार्यवाही शीघ्र शुरू हो पाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है प्रकरण
गौरतलब है कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीएम को शिकायत की गई थी। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चार और पांच दिसंबर 2021 को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में अनियमितता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच एसटीएफ को सौंपी थी। परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने छह युवकों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक आरोपी से 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ। जो उसके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था। इस मामले में अब तक कुल 33 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें बीजेपी नेता भी शामिल है, जिसे पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके बाद अब हर दिन किसी ना किसी विभाग में भर्ती घोटाला उजागर हो रहा है। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्षों पर भी बैकडोर से नियुक्ति करने के आरोप लगे। वहीं, पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पर भी ऐसे ही आरोप लग रहे हैं। ऐसे में अब मांग उठ रही है कि पूरे प्रकरणों की सीबीआइ से जांच कराई जाए, या फिर उच्च न्यायालय के सीटिंग जज की अध्यक्षता में गठित समिति से जांच हो। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने विधानसभाओं में हुई भर्तियों की जांच को कमेटी गठित कर दी है। ये कमेटी एक माह में रिपोर्ट देगी।