नोएडा और हरियाणा के श्रमिकों के आंदोलन को सीटू का समर्थन, दमन के खिलाफ फूंके सरकारों के पुतले
देहरादून में सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने नोएडा, हरियाणा में चल रहे श्रमिकों के आंदोलन को समर्थन दिया। इस मौके पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकारों की ओर से श्रमिकों के आंदोलन के दमन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। साथ ही इन सरकारों का पुतला भी दहन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू देहरादून जिला कमेटी के राजपुर रोड स्थित कार्यालय से पुतला लेकर जुलूस निकाला गया। गाँधी पार्क से होते हुए क्वालिटी चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर पुतला जलाया गया। इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि भाजपा की केंद्र, उत्तर प्रदेश व हरियाणा की सरकारो ने जायज मांगो को लेकर संघर्ष कर रहे श्रमिकों पर दमन कि कार्रवाई की। इसकी कड़ी निंदा की जाती है। साथ ही मांग करते है कि गिरफ्तार किए गए श्रमिकों को तत्काल रिहा किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि इन राज्यों की भांति उत्तराखंड में भी मजदूरों का शोषण चरम पर है। पूंजीपतियों को सरकार का साथ प्राप्त है। इससे श्रमिकों को कभी भी काम से निकलना, 12 घंटे काम करवा कर कोई ओवर टाइम नहीं देना, ठेकेदारों द्वारा न्यूनतम वेतन से भी कम देना, ग्रेच्युटी का भुगतान न करना, भविष्यनिधि व ESI सुविधा लागू न करके श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से वेतन में मामूली वृद्धि की गई है, जबकि श्रमिकों की मांग 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की है। सरकारी कार्यालयों व संस्थाओ में कार्यरत मजदूरों का शोषण भी बदस्तूर जारी है। निर्माणाधीन लखवाड़ व्यसी जलविद्युत परियोजना में मजदूरों का शोषण इसी प्रकार से हो रहा है। कंपनी द्वारा मजदूरों पर झूठे मुकदमे किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेलाकुई, सारा इंडस्ट्री, लाल टप्पर आदि ओद्योगिक क्षेत्रो में भी यही हाल है। वो दिन दूर नहीं, जब इन क्षेत्रो में भी मजदूर शोषण के खिलाफ उठ खड़ा होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के जिला अध्यक्ष एस. एस. नेगी, उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, सचिव अभिषेक भंडारी, शिव प्रसाद देवली, राजेंद्र पुरोहित, बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश आदि ने विचार व्यक्त किए। प्रदर्शन में लक्ष्मी नारायण, नरेन्द्र सिंह, नितिन बौंठियाल, मनमोहन मल्ल, धीरज, मुरारी सिंह, बचन सिंह राणा, चिमानंद, हरीश कुमार, कूर्मित सिंह, जय किशन, दिनेश नौटियाल, उदय राम ममगाईं, कमला देवी, वंदना देवी आदि शामिल रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


