दु-मुख्या वेन त बड़ै हमु- सबु, बरोबर इक-नसि यख. हमन बड़ै दे वेकि या, धरोहर कन-नसि यख.. क्वी बढ अगनै-क्वी...
साहित्य जगत
स्वार्थी मत बनो पेड़ पौधे पुष्प धूप में खड़े अडिग, उन्हें जल तो देने आ जाओ। सूख रहा तन मन...
ऊँची उड़ान हथेली पर जान लिए वो, ऊँचे आसमां में उड़ चला । साहस तो देखो उसका इतना, बादलों को...
इक-मुख्या गंजुणु खयां सि-न घपक्या रा , घर भितर. बाच-बचन गाढा-न झपक्यां रा, घर भितर.. बोलद रा ज्यू कि बात,...
धीरे धीरे चल इंसा यहाँ धीरे धीरे चल इंसा यहाँ, अभी तो कई काम बाकी हैं। गुजर गया जो दिन...
कल शायद हम न होंगे क्यों नहीं सुनते दिल से साहेब, कल शायद हम यहाँ न होंगे। शिकायतें थी जो...
हे मां शारदे अपनी करुणा बरसाओ मां शारदे मेरे मन का तिमिर हर ले ज्ञान का दीपक जला मेरे हृदय...
आओ भगवान से दुआ मांगे आओ आज भगवान से कुछ मांगे, जिंदगी जीने की दुआ मांगे। अपने लिए तो कई...
सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था धाद की ओर से हरेला घी संग्रांद पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे अभियान के तहत...
अभी तो मैंने चलना सीखा अभी तो मैंने चलना सीखा है, पर राहें तो मुझसे कोसों दूर हैं। फिर भी...
