पहली अप्रैल, यानि हंसी-खुशी व मजाक का दिन। इस दिन अक्सर कोई सच भी कहे तो पहली बार यही लगता...
साहित्य जगत
भारत सर्वेक्षण विभाग में राजभाषा कार्यान्वयन समिति में महिमानंद भट्ट को केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के रूप में...
ये डर ही ऐसी चीज है कि इससे कोई अछूता नहीं रहता। डर का कई बार वाजिब कारण होता है...
राष्ट्रीय सांख्यिकीय (क्षेसंप्र) क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर 'राजभाषा नीति एवं कार्यालयीन...
बचपन में एक कविता पढ़ी थी। उसका भाव यही था कि व्यक्ति के जीवन में सबसे उत्तम काम खेती है।...
बात वर्ष 2012 की है। एक सुबह मुझे एक परिचित का फोन आया। पहले में फोन करने वाले की आवाज...
कहावत है कि जैसे कर्म करोगे वैसा ही फल पाओगे। यह फल हमें कहां से मिलता है। क्या इस फल...
वर्ष 1989 में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्ति के बाद पिताजी ने देहरादून के आर्यनगर में एक छोटा का मकान खरीदा।...
मैं पिछले कई दिनों से देख रहा था कि मांगेराम उदास चल रहे हैं। पहले की तरह वह किसी से...
व्यक्ति को उत्तम जीवन जीने के लिए आदर्शवादी बनने की प्रेरणा बचपन से ही दी जाती है। अभिभावक हों या...
