एक बार की बात है। तब कई दिन से घर में चूहों ने उछलकूद मचा रखी थी। इनसे छुटकारा पाने...
साहित्य जगत
मैं एक आम आदमी हूं। नहीं-नहीं गलत कह गया। आम आदमी से भी ज्यादा बदतर। क्योंकि आम आदमी तो शायद...
वाकई छुआछूत एक बीमारी है, या फिर एक लाचारी। यह किसी को कभी भी लग जाती है, लेकिन इसकी चपेट...
कमाल के हैं भई रुंगा मांगने वाले। हो भी क्यों नहीं। अब तो पहले की तरह रुंगा मिलता नहीं। अब...
बड़े बुजुर्गों ने सही कहा है कि कोई भी कदम उठाने से पहले गंभीरता से उस पर विचार कर लेना...
वेश बदलना भी एक कला है। वेश बदलकर जो पहचाना नहीं जाए, वही वेश बदलने की कला में माहिर होता...
अमूमन रविवार की सुबह टीवी ऑन कर पत्नी गाने लगा देती है। रंगोली में एक दिन फिल्म पहचान के गाना...
अक्सर कई बार सड़क पर कोई नोट पड़ा होता है तो उसे देखने वाला सबसे पहले ये देखने का प्रयास...
पहली अप्रैल, यानि हंसी-खुशी व मजाक का दिन। इस दिन अक्सर कोई सच भी कहे तो पहली बार यही लगता...
भारत सर्वेक्षण विभाग में राजभाषा कार्यान्वयन समिति में महिमानंद भट्ट को केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के रूप में...
