उत्तराखंड में वाहन चलाने वाले हो जाइए सावधान, यदि लापरवाही से लेन बदली तो होगी वैधानिक कार्यवाही
उत्तराखंड में वाहन चलाने वाले लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। अब चालान का नया रूप आपके लिए सामने आ रहा है। इसके तहत आपको सड़क पर वाहन चलाने के दौरान लेन बदलने के लिए दस बार सोचना पड़ेगा कि कहीं आप लापरवाही तो नहीं कर रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में तो यही कहा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसमें बताया गया है कि राज्य में नये हाईवे के निर्माण के बाद चार बड़े जनपदों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल की यातायात व्यवस्था एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के दृष्टिगत आज एक अप्रैल को उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चार बड़े जनपदों में हाईवे बन जाने के बाद यातायात की ड्यूटियों में परिवर्तन होने के साथ ही नयी चुनौतियां सामने आयी हैं। इन चुनौतियों का हमें जनता के साथ संवाद स्थापित करते हुए नई पहलों के साथ समाधान निकालना है। इस दौरान उन्होंने जो निर्देश दिए उनका हम सिलसिलेवार विवरण पेश कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देखिए डीजीपी के निर्देश
1- हाईवे पर लापरवाही से लेन परिवर्तन एवं भारी वाहनों के सड़क के दाहिनी ओर चलने पर एमवीएक्ट के तहत सख्त कार्यवाही की जाये। उपरोक्त लेन ड्राईविंग एवं भारी वाहनों हेतु निर्धारित लेन के सम्बन्ध में सोशल मीडिया के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाया जाये।
2- नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों के विरुद्ध पीपीपी मोड पर आधारित देहरादून में संचालित टोइंग क्रेन सेवा को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाये।
3- यात्रा सीजन-2023 हेतु पर्याप्त संख्या में पीआरडी जवानों की मांग कर ली जाए साथ ही उन्हें यातायात प्रबंधन की ट्रेनिंग कर शत प्रतिशत यातायात ड्यूटी पर लगाया जाये।
4- मसूरी एवं नैनीताल में 02-02 सीपीयू हॉक मोबाईल स्थाई रूप से तैनात की जाये।
5- हाईवे पर ओवरस्पीड की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक यातायात एआरटीओ से समनव्य स्थापित कर स्पीड निर्धारित करालें। संशोधित अधिसूचना जारी कर हाईवे पर साईन बोर्ड लगाये जायें।
6- हाईवे पर अतिक्रमण न हो, आम जनता के सुचारू आवागमन हेतु ऐसा सुनिश्चित किया जाए।
7- चारधाम यात्रा-2023 में वापसी के लिए गरुड़चटी से बैराज होते हुए चीला मार्ग का उपयोग किया जाये। गरुड़चटी से बैराज तक वन-वे व्यवस्था लागू करने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार, पुलिस उपाधीक्षक टिहरी एवं पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश को निर्देशित किया गया। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यातायात प्लान में ए0आई0 तकनीक का भी प्रयोग किया जाय।
8- चीला मार्ग पर बीन नदी पर बने रपटे के दोनो तरफ वायरलेस सेट के साथ पुलिस कर्मी को नियुक्त किया जाये। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक एवं निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र करन सिंह नगन्याल, संबंधित जनपद प्रभारी सहित यातायात प्रभारी उपस्थित रहे।



