रावण दहन के बाद आज देहरादून के परेड मैदान में हुआ राम भरत मिलाप, भावुक हुए दर्शक
देहरादून में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी ने मंगलवार को दून के परेड मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ लंका दहन करने के बाद आज बुधवार 25 अक्टूबर को राम भरत मिलाप का जीवंत मंचन किया। रावण का वध करने और लंका पर विजय पाने के बाद अयोध्या पहुंचने पर राम और भरत मिलाप को देखने भारी संख्या में लोग पहुंचे। मिलाप को देखने पहुंचे लोग भावुक हो उठे। इस मौकेपर कमेटी ने शहर के मुख्य मार्ग पर झांकियां निकाल कर रामायण के कई प्रसंगों को दिखाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बुधवार को परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से राम भरत मिलाप का मंचन किया गया। कलाकारों ने राम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघन के पात्र बनकर अभिनय किया, जिसको दर्शकों ने बखूबी सराहा। इस दौरान राम भरत मिलाप देखते हुए मौजूद दर्शक भावुक हो गये। इससे पहले कमेटी ने अंसारी मार्ग स्थित कालिका मंदिर से परेड ग्राउंड तक शोभायात्रा निकाली। इसमें कई झांकियां शामिल कर भगवान की लीलाओं को दर्शाया। झांकी का शहर में श्रद्धालुओं ने फूल वर्षा से स्वागत किया। कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह नागपाल ने बताया कि बन्नू बिरादरी की ओर से 76वा भरत मिलाप का आयोजन किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्थानीय परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की दशहरा शोभायात्रा राम, लक्ष्मण, सीता, भरत, बजरंगबली सभी पात्रों को लेकर पहुंची। यहीं पर भरत मिलाप कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति प्रस्तुत की गई। इस कार्यक्रम के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक वर्मा के साथ ही दशहरा कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह नागपाल, राजेंद्र ढिल्लों, हरिश डोरा, मनोज साहनी, संजय चांदना, भारत आहूजा, शांकी सिंह, हरीश नारंग, संजय गर्ग, पूर्व पार्षद गोविंद मोहन, नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर राजेश बहुगुणा, सफाई सुपरवाइजरो एवं स्टाफ सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को और गण मान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सबसे ऊंचे रावण का किया गया था दहन
इससे पहले 24 अक्टूबर को दशहरे के दिन जो रावण के पुतले का दहन किया गया था, उसे लेकर दावा किया गया है कि यह भारत में सबसे ऊंचा रावण पुतला है। इसकी ऊंचाई 131 फीट थी। इस पुतले की खास बात है कि यह पर्यावरण के अनुकूल कम पटाखों का इस्तेमाल किया गया। इसकी लागत 12 लाख बताई गई। इस बार सबसे ऊंचे रावण पर जब राम ने तीर चलाए तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक एक करके रिमोट के 12 बटन दबाए। ऐसे में रावण धूं धू कर जल उठा। इस रावण में कई एलडीई लाइट लगी हुई थी। (अगले पैरे में देखिए)
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