पीआरडी जवानों को अभी भी नहीं मिला तीन महीने का वेतन, ड्यूटी से भी हुए बेदखल, धस्माना करेंगे आंदोलन
उत्तराखंड में पिछले दो वर्षों से एसडीआरएफ में तैनात अल्प वेतन भोगी पीआरडी के 62 जवानों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। कमर तोड़ महंगाई के दौरान उन्हें तीन माह का वेतन तक नहीं मिला है।
उत्तराखंड में पिछले दो वर्षों से एसडीआरएफ में तैनात अल्प वेतन भोगी पीआरडी के 62 जवानों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। कमर तोड़ महंगाई के दौरान उन्हें तीन माह का वेतन तक नहीं मिला है। उन्होंने वेतन की मांग उठाई तो उन्हें सेवा से भी बाहर कर दिया गया। पीआरडी के ये 62 जवान आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना से इस सप्ताह में दूसरी बार कांग्रेस मुख्यालय में अपनी गुहार ले कर मिले।उन्होंने धस्माना को बताया कि अभी तक उनकी पगार नहीं मिली ही। पीआरडी अधिकारी वही पुराना राग अलाप रहे हैं और कह रहे हैं कि शाशन में कार्यवाही चल रही है। धस्माना ने इस संबंध में एक बार फिर पीआरडी, एसडीआरएफ, शासन, युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से बात की, जो इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। धस्माना ने इस पर राज्य के मुख्य सचिव से सोमवार को मिलने का समय मांगा है।
इस संबंध में बाद में कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस से वार्ता में ने कहा कि एक तरफ तो राज्य की सरकार अग्निपथ से बने अग्निवीरों को रोजगार देने की बड़ी बड़ी घोषणाएं कर रही है, वहीं दूसरी ओर पीआरडी जवानों का वेतन तीन तीन महीनों तक नहीं दे पा रही। धस्माना ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है और सरकार इस बात पर अपनी पीठ थपथपा रही कि अग्निपथ में लाखों लोगों ने आवेदन किया है। सच्चाई यह है कि लाखों युवा आज किसी भी कीमत पर रोजगार चाहता है। चाहे वो चार वर्ष का हो या चार महीने का। यह राज्य व देश में बेरोजगारी की एक तस्वीर प्रस्तुत करती है। धस्माना ने कहा कि अगर शीघ्र पीआरडी जवानों का वेतन जारी नहीं हुआ तो वे सचिवालय गेट पर धरने में बैठेंगे।



