पांच साल के बिस्तर पर लेटा था मरीज, कोरोना टीका लगाने के बाद बिस्तर से उठा, चिकित्सकों की टीम कर रही जांच
चिकित्सकों ने गुरुवार को दावा किया कि पांच साल पहले हुई सड़क दुर्घटना के बाद से बिस्तर पर पड़ा 55 वर्षीय एक व्यक्ति कोविड रोधी कोविशील्ड टीके की पहली खुराक लेने के बाद चलने-बोलने लगा है।
कोरोनाकाल के दौरान जहां बुरी खबरें सामने आई, वहीं एक चौंकाने वाली अच्छी खबर भी मिली है। अब जो दावा किया जा रहा है, उस पर आसानी से किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम को सच्चाई जांचने के लिए गठित किया गया है। झारखंड के बोकारो जिले में चिकित्सकों ने गुरुवार को दावा किया कि पांच साल पहले हुई सड़क दुर्घटना के बाद से बिस्तर पर पड़ा 55 वर्षीय एक व्यक्ति कोविड रोधी कोविशील्ड टीके की पहली खुराक लेने के बाद चलने-बोलने लगा है। उन्होंने कहा कि मरीज कि चमत्कारिक रूप से स्वस्थ होने के मामले की जांच करने के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया है।चिकित्सकों ने कहा कि बोकारो जिले के पीतरवार प्रखंड में उत्तासरा पंचायत के सल्गाडीह गांव निवासी दुलारचंद मुंडा पांच साल पहले हुई सड़क दुर्घटना के बाद से बोलने और चलने में असमर्थ थे। पीतरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक अलबेला केरकेट्टा ने कहा कि एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने चार जनवरी को मुंडा के आवास पर उन्हें कोविशील्ड का टीका लगाया। अगले दिन, परिवार वाले मुंडा को चलते और बोलते देख हैरान हो गए।
बोकारो के सिविल सर्जन डॉक्टर जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इस चमत्कारिक घटना’ की जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि रीढ़ की हड्डियों से जुड़ी समस्या के कारण मुंडा पिछले एक साल से पूरी तरह से बिस्तर पर पड़े थे। उन्होंने दावा किया कि कोविशील्ड टीके की पहली खुराक के बाद मुंडा ना सिर्फ चलने लगे हैं बल्कि बोलने भी लगे हैं। केरकेट्टा ने कहा कि हमने उनकी रिपोर्ट देखी है। यह जांच का विषय है।




