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September 11, 2026

ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन, प्रकृति की कीमत पर नहीं, संरक्षण के साथ हो विकास

आज देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि विकास ऐसा हो, जो प्रकृति की कीमत पर नहीं, बल्कि उसके संरक्षण के साथ आगे बढ़े। टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करके ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और उज्जवल भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सम्मेलन में मुख्य अतिथि यूकोस्ट के महानिदेशक डा. दुर्गेश पंत ने कहा कि अब समय केवल विकास करने का नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि हमें केवल कंज्यूमर बनकर संसाधनों का उपयोग करने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा और प्रकृति व समाज के लिए कॉन्ट्रिब्यूटर की भूमिका निभानी होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सम्मेलन में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि रिसर्च और इनोवेशन को स्मार्ट टेक्नोलॉजी से जोड़कर ऐसे समाधान विकसित किए जाने चाहिए, जो बदलती जरूरतों के अनुरूप हों। स्मार्ट टेक्नोलॉजी का सही उपयोग विकास को नई दिशा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विकास का अभिन्न हिस्सा बना सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति डा. तबस्सुम नकवी ने कहा कि ग्रीन कंस्ट्रक्शन केवल निर्माण की एक नई पद्धति नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें सस्टेनेबल मैटेरियल्स, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रक्रियाओं को अपनाकर निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड जल विद्युत निगम के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डा. संजय कुमार पाटिल ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में एक जैसी निर्माण पद्धतियां अपनाने के बजाय क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों और भौगोलिक विशेषताओं के अनुरूप आर्किटेक्चर और डिजाइन तैयार करना जरूरी है। ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड के वाटरशेड निदेशालय के एसएआरआरए की आईएफएस अधिकारी कहकशां नसीम ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल मैटेरियल्स पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सम्मेलन में 20 देशों के 150 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें इटली, लाइबेरिया, मलेशिया, स्विट्जरलैंड, अमेरिका , यूके और वियतनाम सहित अन्य दक्षिण अफ्रीकी तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के प्रतिभागी शामिल हैं। सम्मेलन में 110 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ रिसर्च और यूनिवर्सिटी ऑफ सरे ने संयुक्त रूप से से किया। सम्मेलन में डिपार्टमेंट हेड डा. के. के. गुप्ता , कन्वीनर डा. दीपक कुमार सिंह ,ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डा. करण सिंह और राहुल वैष्णव सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।