मुख्य सचिव के मिले राज्य आंदोलनकारी, बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना प्रदर्शन
राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के मामले में देहरादून जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक स्थल पर धरना जारी है। 26 अगस्त को आंदोलनकारियों की सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी से वार्ता हुई। इसके उपरांत 27 अगस्त को आंदोलनकारीयों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार दलवीर सिंह दानू व सिटी मजिस्ट्रेट के मार्फ़त सचिवालय पहुँच कर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वार्ता के दौरान खटीमा की सुनीता ठाकुर व डाकपत्थर से पहुँचे राम किशन बताया कि उन लोगों के परीक्षा परिणाम से लेकर भौतिक सत्यापन तक सारी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। मात्र नियुक्ति पत्र मिलना रह गया था। तब तक उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश आ गया। जो की उन पर लागू ही नहीं होता था। ऋषिकेश के शैलेश सेमवाल ने बताया कि 2016 में उन्होंने आंदोलनकारी कोटे से परीक्षा दी थी, मगर परिणाम आने पर उन्हें बताया गया कि विभाग की ओर से अधियाचन ही नहीं भेजे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तरकाशी निवासी रामचंद्र नॉटियाल ने अपने पुत्र का मामला उठाते हुए कहा कि आज विभाग कह रहा है कि पद रिक्त नहीं है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में हो रहे विलंब व उसमें 5वें मानक को पुनः लागू करने, कर्मचारियों के आश्रितों को भी एक्ट का लाभ देने व एक समान पेंशन व पेंशन बढ़ोत्तरी व अन्य मुद्दों के त्वरित निस्तारण के लिए कैबिनेट की एक उप समिति गठित करने मांग की। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ मुद्दों का अध्ययन हो चुका है और कुछ का किया जा रहा है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, हम मुख्यमंत्री के सम्मुख कैबिनेट की उप समिति बनाने का प्रस्ताव रख देंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दौरान प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों के क्रमिक अनशन व धरना प्रदर्शन समाप्त करने की मांग की गई। इस पर आंदोलनकारीयों ने एक आपात बैठक कर यह निर्णय लिया कि या तो सरकार हमारी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे, या उप समिति के गठन की घोषणा कर दे। हम धरना प्रदर्शन समाप्त कर देंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सरकार की पहल पर आंदोलनकारियों ने क्रमिक अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी। रक्षाबंधन के उपलक्ष में मात्र एक दिन धरना स्थगित रहेगा। इसके बाद से धरना जारी रहेगा। मुख्य सचिव से मिलने वालों में सुनीता ठाकुर, राम किशन भी शामिल थे। वहीं, शहीद स्थल पर धरने में बैठने वालों में मनोरथ ध्यानी, सुरेश कुमार, अनन्त आकाश, धर्मानंद भट्ट, दुर्गा ध्यानी, रेखा शर्मा आदि मौजूद थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



