ग्राफिक एरा में कम्प्यूटेशनल तकनीक पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, विकास और पर्यावरण पर केंद्रित हों भविष्य की तकनीक
देहरादून स्थिति ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में सतत् कम्प्यूटेशनल तकनीकों पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ सीएसआईसीटी 2026’ शुरू हो गया। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य की तकनीकें सतत् विकास और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। यह तकनीकें तभी सार्थक होंगी, जब वह समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए किफायती, सुलभ और उपयोगी होने के साथ जनकल्याण का प्रभावी माध्यम भी बने। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सम्मलेन में मुख्य अतिथि एआईसीटीई एवं यूजीसी की मेंबर सेक्रेटरी और दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डा. श्यामा रथ ने कहा कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की निरंतर बेहतर होती स्थिति देश के नवाचार आधारित विकास की सशक्त पहचान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की प्रगति नई तकनीकों के साथ-साथ ऐसे सशक्त इकोसिस्टम पर निर्भर करेगी, जो शोध और नवाचार को समाज व उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रभावी समाधानों में बदल सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि तकनीक की वास्तविक सार्थकता उसकी जटिलता या नवीनता से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि वह लोगों के जीवन को कितना बेहतर बनाती है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता ऐसी तकनीकों की है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने के साथ समाज की वास्तविक जरूरतों का समाधान प्रस्तुत करें और व्यापक जनहित में उपयोगी साबित हों। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आईआईटी रुड़की के डीन ऑफ स्पॉन्सर्ड रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी डा. विवेक कुमार मलिक ने कहा कि भारत को वैश्विक तकनीकों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी तकनीकों और उपकरणों का विकास करना होगा। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डा. राघवेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि कम्प्यूटेशनल तकनीकों ने मानव जीवन और तकनीकी विकास को नई गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकी प्रगति का आधार कम्प्यूटेशनल तकनीकों का प्रभावी और नवोन्मेषी उपयोग होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 12 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन में अमेरिका, कज़ाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और मलेशिया सहित नौ देशों के 140 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने आईईईई यूपी सेक्शन और एएनआरएफ के सहयोग से किया। सम्मलेन में डीन ऑफ कंप्यूटिंग एंड इंटरनेशनल अफेयर्स डा. डी. आर. गंगोडकर, सीएसई डिपार्टमेंट के हेड डा. देवेश प्रताप सिंह, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड डा. पी. ठाकुर के साथ कन्वीनर डा. अंकित विश्नोई, डा. अंकित भट्ट, डा. वर्षा मित्तल, डा. ए. एस. शुक्ला, डा. मांगेराम अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सम्मलेन का संचालन गुंजन मेहरा और मीनाक्षी मंडोला ने किया।
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