Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

May 24, 2026

यूकॉस्ट ने किया विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन, हिमालयी पर्वतीय भूभाग में वर्षा जल संचयन के प्रयास को लेकर चर्चा

उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से संचालित “मां धरा नमन के अंतर्गत जल शिक्षा कार्यक्रम” में “हिमालयी पर्वतीय भूभाग में वर्षा जल संचयन के प्रयास” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। ये आयोजन यूकॉस्ट के सभागार में किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि भविष्य की जल उपलब्धता की चिंता हम सभी को आज ही करनी पड़ेगी, ताकि आने वाले समय में जल उपलब्धता सभी के लिए सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट द्वारा जल के महत्व को देखते हुए आम जनमानस एवं विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से “मां धरा नमन के अंतर्गत वाटर एजुकेशन कार्यक्रम प्रादेशिक स्तर पर चलाया जा रहा है। इससे राज्य के जल संसाधनों का संरक्षण व वैज्ञानिक अध्ययन कम्युनिटी पार्टिसिपेशन के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कार्यक्रम संयोजक यूकॉस्ट वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की एवं विषय विशेषज्ञ पर्यावरणविद् श्री चंदन नयाल का परिचय कराया। तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ पर्यावरणविद चंदन नयाल ने “हिमालयी पर्वतीय भूभाग में वर्षा जल संचयन के प्रयास” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि किस प्रकार विगत 15 वर्षों में उनके द्वारा उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जनपद में 6000 से अधिक चाल, खाल, खंतियां एवं पोखरों का निर्माण कर वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल रिचार्ज को बढ़ाया गया है। इस प्रकार के संरचनाओं के बन जाने से संबंधित क्षेत्र में न केवल भूजल में वृद्धि हुई है बल्कि उसे क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में काफी कमी आई है इसके अलावा आसपास के जलधारों एवं स्प्रिंग्स में डिस्चार्ज की मात्रा बढी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने नौले धारे का परंपरागत विज्ञान, ग्रीष्म ऋतु में वर्षा जल पोषित नदियों की स्थिति, कोसी जलागम क्षेत्र में भूजल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज से संबंधित जानकारी आदि को विस्तार से बताया। उत्तराखंड के पर्वतीय भूभाग के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभाग किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कार्यक्रम में साइंस सेंटर मानसखंड साइंस सेंटर अल्मोड़ा के वैज्ञानिक, उत्तराखंड राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के स्नातक स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं, शोधार्थी एवं राज्य के विभिन्न से यूकॉस्ट के ‘पर्यावरण एवं विज्ञान चेतना केंद्र’ के शिक्षक एवं विद्यार्थियों, यूकॉस्ट स्टेम प्रयोगशालाओं से विद्यार्थी एवं शिक्षक, पीएमयू की राज्य में स्थित प्रयोगशालाओं के कार्मिक सहित 145 से अधिक लोगों ने सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान उपस्थित विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन यूकॉस्ट वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ भवतोष शर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल द्वारा किया गया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *