ललित मोहन गहतोड़ी का भजन- मैं हूं तेरा
मैं हूं तेरा भगवान भगत
निराश ना हो तू मन मन में
मैं हूं तेरा….
मेरे लिए कड़वे वचन तू सुन
अपने लब पे मेरा नाम तू गुन
सुन सुन सुन अच्छी बात तू सुन
निराश ना हो तू मन मन में
मैं हूं तेरा…
मेरे लिए कुछ तू बनकर देख
मेरी राहों में तू चलकर देख
खुद को न्यौछावर करके तू देख
निराश ना हो तू मन मन में
मैं हूं तेरा… (भजन जारी, अगले पैरे में देखिए)
कसरत करके जलपान तू कर
खा पीकर तू गुणगान तू कर
रोज सुबह उठकर स्नान तू कर
निराश ना हो तू मन मन में
मैं हूं तेरा…
मुरली की मधुर सी तान तू सुन
मां नंदा का गुणगान तू गुन
गुन गुन गुन अच्छी बात तू गुन
निराश ना हो तू मन मन में
मैं हूं तेरा…
रचनाकार का परिचय
ललित मोहन गहतोड़ी उत्तराखंड में काली कुमाऊं चंपावत से प्रकाशित होने वाली वार्षिक सांस्कृतिक पुस्तक फुहारें के संपादक हैं। वह जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट जिला चंपावत, उत्तराखंड निवासी हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।



