Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

April 16, 2026

ग्राफिक एरा में ग्राफेस्ट 26 का धमाकेदार आगाज़, पांडवाज़ की लोकधुन पर देर शाम तक झूमे छात्र छात्राएं

देहरादून में ग्राफिक एरा का मोस्ट-अवेटेड वार्षिक फेस्ट ‘ग्राफेस्ट-26’ जबरदस्त एनर्जी, वाइब्स और ग्रैंड ओपनिंग के साथ शुरू हो गया। पूरे कैंपस में उत्साह और क्रिएटिविटी का जबरदस्त माहौल देखने को मिला। इसमें एआई और रोबोटिक्स समेत तमाम तकनीकी स्पर्धाओं और सांस्कृतिक मुकाबलों में छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है। चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने रिबन काटकर ग्राफेस्ट-26 का श्री गणेश किया। ग्राफेस्ट की पहली शाम उत्तराखंड के मशहूर पांडवाज़ के नाम रही। इस बैंड की लोकधुनों पर छात्र छात्राएं बहुत देर तक झूमे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्राफेस्ट-26 की शाम उत्तराखंड के फेमस पांडवाज़ की शानदार परफॉर्मेंस से गुलजार रही। पांडवाज़ ने अपने खास स्टाइल में पहाड़ी लोकगीतों को मॉडर्न म्यूजिक के साथ फ्यूज़ कर ऐसा माहौल बनाया कि हर कोई उससे जुड़ता चला गया। “राधा” की धुन जैसे ही गूंजी— “काँधि मा धराली राधा, खैर की गँज्यालि राधा, मुण्ड मा धराली राधा द्यो रिंगाल़ि सुपि राधा। रूम-जाँदि ठुम राधा, मैतुड़ैऽ मँज्युल़ि राधा। रूम-जाँदि ठुम राधा, मैतुड़ैऽ मँज्युल़ि राधा…”— पूरा परिसर एक सुर में झूम उठा। वहीं “मेरी गजिना” के बोल— “त्वे देखदी रे गयो में… मेरी गजिना, ओ जिया… त्वे देखदी रे गयो में…”— ने युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया और माहौल और भी ज्यादा एनर्जेटिक हो गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके बाद “फुलारी” ने माहौल में बसंती रंग घोल दिए— “चला फुलारी फूलों को, सौदा-सौदा फूल बिरौला, हे जी सार्यूं मा फूलीगे ह्वोलि फ्योंली लयड़ी, मैं घौर छोड्यावा…”— और दर्शक पूरी तरह इस सुरों की दुनिया में खो गए। वहीं “केदारनाथ” की प्रस्तुति ने इस शाम को एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया— “आदेस भोलेबाबा, बस्यूं मरघट का छाला, नीलकण्ठी बाबा त्वेन प्येयी बिस प्याला चौदह भवन त्यागी बीछईं गजछाला गात चिता भसम सजीं च मुण्ड माला, पीताम्बर नई स्वान्दू पैरी बाघम्बरी छाला…” जैसे बोलों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

वहीं “संध्या झोली” के पावन बोल— “ऊँः खोली क गणेश जा, मोरी का नारेण जा, पंच नाम देब जा… सुभ संध्या का पर्व जा…”— ने कार्यक्रम में एक अलग ही शांति और आध्यात्मिकता का रंग भर दिया। पांडवाज़ टीम मेंबर्स ईशान , (वोकलिस्ट) अनिरुद्ध ख्याति और सृष्टि , (ड्रमर) श्रेष्ठ , (तबला वादक) राकेश, (बांसुरीवादक) अंशुल समेत अन्य सभी कलाकारों का क्रेज छात्रों में साफ दिखाई दिया। साउथ सूडान, म्यांमार, तंजानिया, जिम्बाब्वे सहित गढ़वाली बोली और गीतों से अंजान देश-विदेश से आए छात्र-छात्राएं की मौजूदगी ने इस माहौल को और भी खास बना दिया, जहां हर कोई म्यूजिक की बीट्स पर झूमता गाता नजर आया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्राफेस्ट में 17 राज्यों की 50 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं और अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले ही दिन सुबह से विश्वविद्यालय परिसर में हलचल और उत्साह चरम पर रहा। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रतिभागी बिना समय गंवाए अपने-अपने इवेंट्स में जुट गए। ग्राफेस्ट में आयोजित रोबोवार्स ने टेक्नोलॉजी और थ्रिल का जबरदस्त संगम पेश किया, जहां टीमों ने अपने डिजाइन किए गए रोबोट्स के साथ एरीना में रोमांचक मुकाबले किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस प्रतियोगिता में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के राहुल सिंह, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के वंश अरोड़ा, एकेटीयू लखनऊ के आदित्य दुबे, डीआईटी देहरादून के निशांत कुमार शर्मा और केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस गाजियाबाद के तेजस त्यागी सहित अन्य कई छात्र छात्राएं भाग ले रहे हैं। डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ ने “रिवर्स शार्क टैंक” का आयोजन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस इनोवेटिव इवेंट में प्रतिभागी निवेशकों की भूमिका निभाते हुए बिज़नेस आइडियाज़ का मूल्यांकन करेंगे और अपनी स्ट्रैटेजिक थिंकिंग और एनालिटिकल स्किल्स का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के अग्रिम और मुस्कान, दिल्ली विश्वविद्यालय की अनन्या, यूपीईएस देहरादून के आर्यन गुप्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय की अपूर्वा गुप्ता शामिल हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने पेट्री प्लेट आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस अनोखी प्रतियोगिता में प्रतिभागी पेट्री प्लेट को कैनवास के रूप में उपयोग कर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर आधारित चित्र बनाएंगे। इस प्रतियोगिता में एमिटी यूनिवर्सिटी के नैना और समय जोशी, ग्राफिक एरा के अविष्का और प्रीति के साथ अनेकों छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग ने ग्राफेस्ट में वॉटर रॉकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में पलक, केपी रेड्डी, राहुल, खुशबू के साथ अनेकों छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्टाल्स व प्रदर्शनियां भी लगाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

तकनीक, रचनात्मकता और उत्साह से सराबोर इस महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शानदार छटा देखने को मिली। सोलो डांस (वेस्टर्न) में कानु, मझाल, भूमिका, जैस्मिन मनवाह, रिधि बत्रा, आर्यन कृष्ण और किम थापा ने अपनी ऊर्जा और स्टाइल से मंच को जीवंत बना दिया। वहीं ग्रुप डांस (वेस्टर्न) में ट्रांस ग्रुप, क्रंक ग्रुप, और हिल हॉपर जैसी टीमों ने दमदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। सोलो सिंगिंग (इंडियन/क्लासिकल) में आयुष ग्रोवर, सिद्धार्थ संदुजा, शीना भटनागर, अभिषेक , मोहित, प्रियंशु, राघव, शौर्य और आयान ने अपने सुरों से माहौल को मधुर बना दिया। वहीं ग्रुप डांस (इंडियन/क्लासिकल) में भीमताल भांगड़ा वॉरियर्स, देहरादून भांगड़ा क्लब, हिमशोभा और साधना रंगमंच की प्रस्तुतियों ने पारंपरिक रंगों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्राफिक एरा ने ग्राफेस्ट में विजेताओं को 40 लाख रुपए के नगद पुरस्कार देने का ऐलान किया है।‌ वार्षिक समारोह में छात्र‌-छात्राएं तीन दिन तकनीकी व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। आखिरी दिन मशहूर सिंगर और सॉन्गराइटर तलविंदर सिंह सिद्धू अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। ग्राफेस्ट के उद्घाटन समारोह में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर. भट्ट, दोनों विश्वविद्यालयों के पदाधिकारी, शिक्षक- शिक्षिकाएं और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *