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July 13, 2026

पूर्व सीएम हरीश रावत बोले, जब चार साल से नहीं की नियुक्ति तो बढ़ाएं आयु सीमा

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाने की उत्तराखंड की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि जब चार साल से सरकारी नियुक्तियां नहीं की गई तो ऐसे में बेरोजगारों की उम्र को भी ध्यान में रखना होगा। इसके लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाई जाए।
इन दिनों कांग्रेस नेता हरीश रावत रोजगार के मु्द्दे पर सोशल मीडिाय में प्रदेश सरकार पर हमलावर हैं। उनका जवाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी दिया और दावा किया था कि सात लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। इसके पलटवार में हरीश रावत ने कल ही पोस्ट डाली और कहा कि युवा पूछ रहा है कि मेरी नौकरी कहां है। साथ ही उन्होंने फिर अपने कार्यकाल और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल के आंकड़े जारी किए।
बेरोजगारों को लुभाने और उनकी नब्ज पकड़कर चल रहे हरीश रावत ने एक ओर तीर छोड़ा है। उनके इस तीर को बेरोजगारों का समर्थन मिलना भी स्वाभाविक है। क्योंकि उन्होंने अबकी बार सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाने की मांग की डाली। उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट डाली कि-
राज्य सरकार ने पिछले 4 साल से, चाहे शिक्षा विभाग हो, चाहे कोई और विभाग हों। किसी भी पद पर कोई नियुक्ति की नहीं। बीएड, टीईटी प्रशिक्षार्थी इंतजार करते रह गये। जिन लोगों की उस समय उम्र थी 2016 में, जब हमने अध्याचन जारी किया था। आज उनकी उम्र निकल गई है।
उन्होंने आगे लिखा कि-उनमें बहुत सारे छात्र-छात्राएं कमजोर वर्ग के हैं, कम से कम 4 साल जब उत्तराखण्ड के अन्दर नियुक्ति शून्य वर्ष रहा है, तो उतनी अवधि और बढ़ाई जानी चाहिये। इन परीक्षाओं के लिये या इन जो भी नियुक्तियां विभागों में हो रही हैं। उनमें पूरे देश में भर्तियों के लिये, कमजोर वर्ग के लिये उम्र बढ़ाई जाती है, उत्तराखंड में उसका भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कुछ सामान्य आवश्यकताएं हैं। जिसको अधिकारियों को समझना चाहिये। मुझे तकलीफ है कि राज्य सरकार उन सामान्य आवश्यकताओं की अनदेखी कर रही है जो अभ्यार्थियों के लिये अन्याय है।
पढ़ने के लिए क्लिक करेंः हरीश रावत बोले-बेरोजगार पूछ रहा मेरी नौकरी कहां गई, भर्तियां की विस अध्यक्ष और मेयर के स्वजनों की