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July 31, 2026

आयुद्ध निर्माणी देहरादून में निकाले गए 100 संविदा कर्मी, गेट के समक्ष धरना, किया प्रदर्शन, सीटू ने कहा-श्रम कानूनों का उल्लंघन

देहरादून में रायपुर स्थित आयुद्ध निर्माणी वर्षों से कार्यरत 100 संविदा कर्मियों को प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके विरोध में पिछले तीन दिन से फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन किया जा रहा है।

देहरादून में रायपुर स्थित आयुद्ध निर्माणी वर्षों से कार्यरत 100 संविदा कर्मियों को प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके विरोध में पिछले तीन दिन से फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन किया जा रहा है। आज गेट मीटिंग और प्रदर्शन के दौरान सीटू से संबद्ध नेताओं ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। साथ ही उन्हें निकाले जाने को श्रम कानून को उल्लंघन बताया।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने नेताओं का कहना था कि रायपुर स्थित आयुद्ध निर्माणी में संविदा पर वर्षो से कार्यरत 100 श्रमिको को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस दिए बिना निकालना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। साथ ही आयुद्ध निर्माणी के प्रबंधन की मनमानी है। सीटू के महामंत्री लेखराज ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों को निकालना प्राकृतिक न्याय के विपरीत भी है। उन्होंने कहा कि कई श्रमिक 13 वर्षो से ज्यादा सेवा दे चुके हैं। अब उन्हें उन्हें सीधे खाली हाथ वापस घर भेजना सरासर गलत है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों को जिम्मेदार बताया। कहा कि सीटू श्रमिको के साथ खड़ी है और उनके लिए संघर्ष किया जाएगा।
इस अवसर सीटू के उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, रविन्द्र नौडियाल, प्रभुलाल बहुगुणा ने भी सम्बोधित किया। इनके साथ ही सतीश कुमार, रविन्द्र शाही, रवि गोयल, राजेन्द्र बहादुर, वीर सिंह, नरेंद्र यादव, रमन सिंह, दीपेंद्र, सुनील डबराल, जगत सिंह, सुनील तोमर, तपन आदि बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्तिथ थे। धरना दे रहे श्रमिकों ने फैक्टरी गेट पर प्रदर्शन किया ततपश्चात उन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया। पर ठोस निर्णय नहीं हो सका। इस अवसर पर सीटू नेताओं ने कहा कि इस मामले की श्रमायुक्त से शिकायत की जाएगी। साथ ही श्रमिको को वापस कार्य पर रखने की मांग की जाएगी।