उत्तराखंड कौथिग, सुबह बसंत ऋतु पर आधारित कार्यक्रम, शाम को लोकगीत संध्या ने मोहा मन

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित रेंजर्स मैदान में अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित उत्तराखंड कौथिग में रविवार की सुबह भटवाड़ी से आये श्री गंगा कला मंच गौरशाली की ओर से जगेंद्र शाह के नेतृत्व में बसंत ऋतु पर आधारित थीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गईं। वहीं, शाम के समय लोकगीत संध्या ने लोगों का मन मोहन लिया। उत्तरकाशी की श्री गंगा कला मंच गौरशाली की उक्त प्रस्तुति बसंत के आगमन पर आधारित दिसा ध्यानी की याद को मिटाने तथा किसानों को जगाने के लिए होती थीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शाम 6.00 बजे से लोकगीत संध्या का शुभारंभ शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत व ग्राफ़िक एरा यूनिवर्सिटी व हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनशाला ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। डॉ धन सिंह ने कहा कि गढ़वाल सभा विगत 75 वर्षों से लोक संस्कृति के उन्नयन व संरक्षण के लिए सतत कार्य कर रही है। कमल घनशाला ने सभा की हीरक जयंती की बधाई देते हुए कहा कि मै पूर्व की तरह सभा के कौथिग जैसे विराट आयोजनमे सहयोग अवश्य करता रहूंगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी भी काफी समय तक उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्वागत उद्बोधन में गढ़वाल सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना व महासचिव गजेंद्र भंडारी ने कहा कि सभा अपने भाषा, संस्कृति व साहित्य को पुष्पित पल्लवित करने के लिए कटिबद्ध है। कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने साथी ढोलियों के साथ नोबत व धुंयाल बजा कर किया व इष्ट राजराजेश्वर देवी भगवती का जागर व पंडों जागर सुनाया। इसके साथ ही उन्होंने अपना ताज़ा प्रचलित गीत लाडी बेटुलि की प्रस्तुति दी। इसके बाद मीना राणा ने हम उत्तराखंडी छाँ, से माहौल को भावुक कर दिया और साथ ही बलमा गीत भी प्रस्तुत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)खुशी जोशी ने तू रैंछि मैय्या ऊंचा पहाडों मा और अल्मोड़ा अंग्रेज़ आयो टैक्सी में गीत प्रस्तुत कर के तालियां बटोरी। जौनसारी गायक मनोज सागर ने फूलों फूली आरओ और घोटा सिमनिये गा कर लोगों को नाचने पर मजबूर कर किया। विवेक नौटियाल ने द्यो लागी तैं ऊंचा कैलासा और ओटूवा बेलेना प्रस्तुत किया। एक बार फिर से प्रीतम भरतवाण ने नया गीत कैमरा, किमसाड़ी हाट मा, सरूली मेरो जिया लगी गै और मोहन तेरी मुरली बाजी गा के पंडाल को झूमा दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके बाद पुनः मीणा राणा ने अपने गीत मशकबीन, गुलबन्द, लौंडा चन्दरा और ओ साहिबा प्रस्तुत किया। खुशी जोशी ने पुनः गोविंदी घुंगरू बजे दे छम छमा और मैं घास काटूल गा कर कुमाऊं की प्रस्तुतियां दी। मनोज सागर ने चाँदीना की चौकी भाई मामा और चन्नू भाईजी प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। अंत मे विवेक नौटीयाल ने अपने प्रसिद्ध गीत रम्म झमा, रूप कु मंतर और बांदिले तू ज्यूडी प्रस्तुत कर लोगों को झुमाकर कार्यक्रम को सम्पन्न किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कैथीग स्थल में ही प्रातः 10.30 बजे से हेल्थ नेटवर्किंग सेवा संस्थान द्वारा निः शुल्क हेल्थ कैम्प एवं उत्तराखण्ड ब्लड सेन्टर, अरिहन्त अस्प्ताल सहयोग से रक्तदान शिविर एवं कैम्प लगाया गया। इसमे 34 युनीट रक्त एकत्र किया गया। कैम्प में 95 लोगो ने जाँच कराई। कैम्प के आयोजन में डा एसपी भट्ट, डा नन्द उनियाल, डा एम पी मैंठानी, एनएस नेगी, राहुल, अरुण, प्रशन, आभा शर्मा, रचना चोपड़ा आदि का सहयोग रहा।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






