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October 17, 2026

कैबिनेट के फैसले से उपनलकर्मी की नाखुश, हल्द्वानी में निकाली रैली

उत्तराखंड में सीएम धामी की कैबिनेट के फैसलों को लेकर भले ही सरकार वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है, लेकिन वास्तविकता ये है कि जिनके लिए घोषणाएं की हैं, वे खुश नहीं हैं।

उत्तराखंड में सीएम धामी की कैबिनेट के फैसलों को लेकर भले ही सरकार वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है, लेकिन वास्तविकता ये है कि जिनके लिए घोषणाएं की हैं, वे खुश नहीं हैं। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मचारियों को दस साल की सेवा वालों के मानदेय में तीन हजार रुपये और दस साल से कम की सेवा वालों के मानदेय में दो हजार रुपये की बढ़ोत्तरी का फैसला लिया है। साथ ही आशा वर्कर्स को हर महीने साढ़े 6 हजार रुपये देने का फैसला किया गया। इसमें एक हजार रुपये मानदेय में बढ़ोतरी और 500 प्रोत्साहन राशि है।
सरकार के इस फैसले से आशा वर्कर्स नाराज हैं। हालांकि उन्होंने आज से कार्यबहिष्कार समाप्त कर दिया, लेकिन सीएम को वायदे के अनुरूप फैसला न लेने का आरोप लगाया। आशाओं का कहना है कि शासन से जो सहमति बनी थी, उसके अनुरूप कैबिनेट में फैसला नहीं लिया गया। डेढ़ हजार रुपये की बढ़ोत्तरी इस महंगाई के दौरान में मामूली है। छह हजार रुपये में घर खर्च नहीं चलता है, जबकि उनसे पूरे दिन भर काम लिया जाता है।
वहीं, उपनल कर्मी भी नाराज हैं। हल्द्वानी में बुधवार को उपनल कर्मचारियों ने महारैली का आयोजन किया। डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के उपनल कर्मचारी पिछले 42 दिन से हड़ताल पर हैं। बुधवार को कर्मचारियों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक महारैली का आयोजन किया। जुलूस की शक्ल में सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। नारेबाजी भी की। कर्मचारियों ने कहा कि हमारी जायज मांगों को लेकर सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। हमें 10 से 15 वर्ष काम करते हुए हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमें नाममात्र का वेतन दिया जाता है, जबकि काम पूरा लिया जाता है। ऐसी स्थित में हमारा घर चलाना मुश्किल हो गया है। अब तक हम सभी जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद हमें झुनझुना थमाया जा रहा है। एसटीएच कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पीएस बोरा ने कहा कि दो से तीन हजार रुपये बढ़ाना न्यायोचित नहीं है। सरकार वादाखिलाफी कर रही है। यह हमारे लिए अन्याय है। बोरा ने कहा कि सीएम हमारे परिवार के मुखिया हैं। एक दिन उन्हें हमारी बातें माननी ही होंगी। पूरे प्रदेश में उपनल कर्मियों की संख्या करीब 22000 है।  एसटीएच में 750 से अधिक उपनलकर्मी हैं। इसमें से 500 से अधिक हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है। मरीजों से लेकर तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कार्यालय से संबंधित कार्य प्रभावित हैं। इसके बावजूद सरकार का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।