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August 16, 2026

क्रोनोलोजी समझिए, भारत में लैपटॉप लेना है तो जियो का ही लेना होगाः लालचंद शर्मा

भारत सरकार के एक फैसले को लेकर चौरतफा कड़ी आलोचना हो रही है। ये फैसला लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के आयात पर बैन लगाने से संबंधित है। उत्तराखंड में देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो बात पहले से बोल चुके हैं, वह सही साबित हो रही है। केंद्र की सरकार हम दो हमारे दो की सरकार है। इस सरकार को सिर्फ अंबानी और अडानी के अलावा कोई दूसरा नजर नहीं आता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि अब तो लैपटॉप लेना है तो जियो का ही लेना होगा। 31 जुलाई को रिलायंस ने जियो बुक नाम से लैपटॉप लॉन्च किया। तीन अगस्त को मोदी सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर के आयात पर रोक लगा दी। हम दो हमारे दो की सरकार का यही हाल है। उन्होंने कहा कि अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए विदेश से लैपटॉप मंगाकर भारत में नहीं बेचा जा सकेगा। लैपटॉप के बैन का मकसद अंबानी को फायदा पहुंचाना है। क्योंकि अगर विदेश से लैपटॉप नहीं मंगाया जा सकेगा, तो देश में बनाए जाने वाले जियोबुक लैपटॉप की बिक्री में इजाफा होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

लालचंद शर्मा ने कहा कि जियो नेटवर्क को पहले ही लोग देख चुके हैं। पहले फ्री में डाटा बांटा गया। फिर जब लोग जियो को इस्तेमाल करने लगे तो अब डाटा इतना महंगा हो चुका है कि लोगों के लिए मोबाइल रिचार्ज करना भी मुश्किल होता जा रहा है। जब एक ही कंपनी बाजार में रहेगी तो भले ही शुरू में लैपटॉप सस्ता होगा, लेकिन बाद में मनमानी कीमत वसूली जाएगी। जैसा कि जियो नेटवर्क में देखने को मिल रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर इन आइटमों के आयात को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया था। अब जब शोर मचा तो नई अधिसूचना में इन आइटमों के आयात के लिए लाइसेंस के लिए 31 अक्टूबर 2023 तक मोहलत दी गई है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने कहा है कि ये आदेश 1 नवंबर 2023 से लागू हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से उद्योग जगत में को भारी नुकसान पहुंचने वाला है। बात अर्थव्यवस्था का लक्ष्य 5 ट्रिलियन पहुंचाने का हो रहा है, लेकिन जब दूसरे व्यापारियों का व्यापार ही चौपट हो जाएगा और जेब में एक ही व्यक्ति के पैसा जाएगा, तो ये किसके फायदे के लिए हो रहा है, सब जानते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि आईटी हार्डवेयर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि सरकार की इस अधिसूचना से ऐसी कंपनियों का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषणों में दो पूंजीपतियों अंबानी और अडानी का नाम लेते रहे हैं। वह कहते रहे कि सरकार सिर्फ इन दो की जेब में ही देश का पैसा डाल रही है। लैपटॉप के खेल में भी ये बात सही साबित हो रही है।
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