Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 6, 2026

दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटे हजारों श्रमिक और किसान, इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

देशभर के मजदूर, किसान आज दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटे रहे। खेतिहर मजदूर यूनियन, सीटू,अखिल भारत किसान महासभा और ऑल इंडिया एग्रीकल्चरल वर्कर्स एसोसिएशन की ओर से इस रैली का आयोजन किया गया।. बता दें कि एमएसपी गारंटी कानून, निजीकरण बंद करने, कॉरपोरेट परस्त नीतियों को खत्म करने, किसानों की खुदकुशी रोकने और लेबर कोड निरस्त करने समेत कई अन्य मांगों को लेकर इस रैली का आयोजन किया गया है। इसमें शामिल होने के लिए उत्तराखंड राज्य से भी सीटू, किसानसभा सहित विभिन्न संगठनों के लोग भी दिल्ली कल ही पहुंच गए थे। प्रदर्शन का ये आह्वान, खेतिहर मजदूर यूनियन, सीटू, किसान सभा सहित विभिन्न संगठनों ने किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रैली को संबोधित करते हुए किसान और मज़दूर से जुड़े संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार सिर्फ कॉरपोरेट के फायदे के लिए काम कर रही है और उन्हें किसानों और मजदूरों से कोई लेना देना नहीं है। लिहाजा सरकार को हमारी मांगों पर जल्द से जल्द अमल करनी चाहिए। नहीं तो हमारा यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस संगठनों का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से मजदूरों के श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम साहिताये बनाई गई हैं। जो कि पूर्ण रूप से पूंजीपतियों व मालिकों के पक्ष में बनाई गई हैं। आज मजदूर वर्ग पर सरकार की ओर से लगातार हमला किया जा रहा है। इसका मजदूर वर्ग मुंह तोड़ जवाब देगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इसी तरह केंद्र सरकार की ओर से श्रम साहिताएं लागू की जा रही हैं। इसके तहत 12 घंटे काम व कार्यस्थल पर मजदूर की मौत के बाद किसी भी सूरत में मालिक की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का प्रवाधान है। जो कि पूर्ण रूप से मालिकों के पक्ष में है और यह सरकार मजदूर विरोधी है। ये सरकार मजदूर और किसान विरोधी है। किसानों के आंदोलन के पश्चात तय किया गया था कि एमएसपी पर कानून बनाया जाएगा, किंतु एमएसपी पर कानून बनाने की तो बात दूर की कौड़ी साबित हुई। इससे किसानों की फसल का लागत मूल्य भी नही मिल पा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उत्तराखंड में लगातार हो रही थी बैठक
इस रैली को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड में पिछले काफी दिनों से जिला, ब्लाक स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जा रहा था। बैठकों का ये आयोजन सीटू, किसानसभा, सीपीएम की ओर से किया गया था। इस दौरान मोदी सरकार की कारपोरेटपरस्त, साम्प्रदायिक, जनविरोधी, किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली संसद मार्च का आह्वान किया जा रहा था। किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सजवाण,सीआईटीयू के प्रदेश मन्त्री लेखराज के नेतृत्व में स्किम वर्कर्स में आशा, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, फैक्ट्री श्रमिक, ऋषिकेश – कर्णप्रयाग निर्माणाधीन रेलवे लाइन में कार्यरत मजदूर, हथियारी पावर हाउस के साथ ही विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों में कार्यरत ठेका व संविदा मजदूर आदि रैली में हिस्सेदारी के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचे हैं।