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July 22, 2026

मार्च माह में ही मई और जून की तरह पड़ रही गर्मी, उत्तराखंड के कई शहरों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार

उत्तराखंड में इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है। हर दिन गर्मी बढ़ रही है। फिलहाल दो अप्रैल तक बारिश होने की उम्मीद अभी नहीं है। साथ ही अभी और गर्मी पड़ने की संभावना है।

उत्तराखंड में इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है। हर दिन गर्मी बढ़ रही है। फिलहाल दो अप्रैल तक बारिश होने की उम्मीद अभी नहीं है। साथ ही अभी और गर्मी पड़ने की संभावना है। ये स्थिति तब है जब मार्च माह चल रहा है और देहरादून सहित कई शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। ऐसी स्थिति मई और जून माह में होती थी। वहीं राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 मार्च तक यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमस्खलन की संभावना है। साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने की भी उम्मीद है। ऐसे में मौसम विभाग सलाह भी जारी कर रहा है।
उत्तराखंड में शुष्क मौसम के बीच पारा लगातार चढ़ रहा है। मंगलवार इस साल अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। दून समेत कई मैदानी इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिन पारे में और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई है। जिससे भीषण गर्मी महसूस की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से छह से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक है। अगले तीन चार दिनों में इसमें कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है।
प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मार्च सूखा रहा। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रवाह के कमजोर पड़ने के कारण इस बार मार्च में सामान्य से 96 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। तापमान भी रिकार्ड स्थापित करने की ओर अग्रसर है। मार्च के दूसरे सप्ताह से ही पारा सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है। वहीं, अब कई जिलों में जंगल भी धधकने लगे हैं।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 मार्च से लेकर 31 मार्च तक यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं की संभावनाएं जताई गई हैं। साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर जिलों में 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पिघलने से हिमस्खलन की संभवना जताई गई है। साथ ही फसलों और सब्जियों को भी गर्मी से नुकसान का अनुमान है।
दी गई है ये सलाह
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि संवेदनशील स्थलों में वनाग्नि रोकने के लिए अग्नि रक्षा पट्टी की स्थापना की जाए। हिमस्खलन की आशंका वाले स्थानों में लोगों को सलाह दी गई है कि वे हिमस्ख
विभिन्न शहरों का तापमान
शहर———अधिकतम———न्यूनतम
देहरादून——–35.6———16.4
उत्तरकाशी—–32.8———15.2
मसूरी———–24.7———12.4
टिहरी———–25.4———13.4
हरिद्वार——–35.2———18.4
जोशीमठ——-26.8———11.0
पिथौरागढ़—–27.8———10.5
मुक्तेश्वर——26.4———11.8
नैनीताल——-24.5———11.6
यूएसनगर——35.5——–13.8