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July 13, 2026

श्री देव सुमन विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में: डॉ सुनील अग्रवाल

डॉ. सुनील अग्रवाल

निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल ने श्री देव सुमन विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली प्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगाते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। उन्होंने कहा कि अभी तक परीक्षा फॉर्म ही पूरे नहीं भरे गए, जबकि अगले सत्र की प्रवेश परीक्षा का समय हो चुका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि गत बीएड सत्र 2025- 27 के लिए तीन विश्वविद्यालय कुमाऊं विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में बीएड प्रवेश के लिए गत वर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था। प्रवेश परीक्षा के उपरांत कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से तीनों विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग करवाई गई थी। काउंसलिंग के चार चरण रखे गए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि पहले दो चरणों में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र तीसरे चरण में हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित छात्र एवं चतुर्थ काउंसलिंग में एनसीटी के नियम अनुसार अर्हता प्राप्त छात्र उक्त चारों काउंसलिंग संपन्न होने के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाई जा चुकी हैं। साथ-साथ प्रवेश होने के बावजूद श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में अभी तक छात्रों के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म ही पूरे नहीं भरे गए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से पहली तीन काउंसलिंग के छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरे गए, लेकिन चौथी काउंसलिंग में प्रवेशित छात्रों के लिए परीक्षा फार्म का पोर्टल नहीं खोला गया। प्रश्न यह उठता है कि जब एक ही प्रवेश परीक्षा के उपरांत प्रवेश परीक्षा करने वाले विश्वविद्यालय द्वारा चारों काउंसलिंग के छात्रों की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवा ली गई। उक्त प्रवेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रक्रिया के तहत किए गए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि वहीं, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक परीक्षा फॉर्म ही पूरे नहीं भरे गए। अब जबकि अगले सत्र की प्रवेश परीक्षा का समय हो चुका है, ऐसे में पूर्व सत्र के चतुर्थ काउंसलिंग के परीक्षा फॉर्म ना भरे जाने से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली प्रणाली पर प्रश्न चिह्न पैदा होता है। जब एक ही प्रवेश परीक्षा से एक ही नियम के तहत दो विश्वविद्यालयों की ओर से छात्रों की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवा ली गई है, तो ऐसे में श्री देव सुमन विश्वविद्यालय किस चीज का इंतजार कर रहा है। ये समझ से परे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में विभिन्न कॉलेजों की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजे गए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रों के दो सेमेस्टर की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। अब इस विषय पर एसोसिएशन की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा जा रहा है।
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