चाह चाह है दिल में पाने की उसे पाने का जज्बा रखना और जब तक हासिल न हो तब तक...
poetry
अकेले रह गये हम जिन्दगी की डगर में आगे बढ़ते बढ़ते बैठ गया जरा नीचे सोचा अपने बारे में पीछे...
"मानव धर्म शिखा" मैं हिन्दू हूं वह मुस्लिम है, यह दृष्टि बदल डालो। मानव हो तो मानवता का, दुःख दर्द...
महात्मा गांधी देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ रखा था भारी मनमानी जनता से करते परेशान थीं जनता सारी ।...
बेटी बेटी तो बेटी होती है क्यो कहते यह बेटी है अगर बेटी ना हो तो क्यो कहते धरती खाली...
फूल जा जा जा प्यारे फूल तुम अयोध्या में जाना राम जी के चरणों में गिर अपना शीश झुकाना जा...
विश्व पर्यटन दिवस 27सितम्बर 1980को विश्व पर्यटन दिवस मनाया संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटक संगठन द्वारा चुनाव कराया। चुनाव का...
पिता हैं मेरे उंगली पकड़कर चलना सिखा दर बाहों का झूला बनाकर झूलाया बाहर की नजरों से हमें बचाया मेहनत...
सुनामी लहर तेरे किनारे बसे थे कुछ आस लेकर मना रहे थें तुमको सबकुछ देकर हंसी खुशी ज़िन्दगी गुज़ार रहे...
लोगों को सिर्फ क्यों दिखती है शहर की चहल पहल, शानों-शौक़त क्यों किसी को नही दिखती वो कूड़ा बिनती लाचार...
