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June 22, 2026

Poet and litterateur

नामदार ऊंची दुकान-फीकू पक्वान, ठिकी ब्वाल कैन. अपड़ि बात- अपड़ि छांच, अफी छ्वाळ कैन.. बड़ा- बड़ा नौं- का पैथर, यथ-...

सिपै-दादा हमरि सान-ईमान-गुमान, तुम छवा सिपै-दादा. बग्त हो-या कुबग्त, देसा-काम अवा सिपै-दादा.. छाति नि झुकि-न झुकलि, कैक अगोड़ि कबि, देश...

ज्यू-बुथै हमकु त बस, ज्यू- बुथ्यांणु हुयूं. ऊँ- कु- त, जिकुड़ि जळांणु हुयूं.. रोज भेजिदे, कखड़ि-मुंगर्युं फोटु, दिखै- दिखै हमथैं,...

बेगार हमन त जिंदगी भर, सचम बेगार कायी. अपड़ि जिंदगी, और्यूं पैथर बेकार कायी.. यूंका-ऊंका-सूंका पैथर , कख नि रीटा,...

भू-कानून अपड़ा हक-हकूक कि, आवाज उठौ चल. भू-कानून कू- हक चैंणू, हल्ला- मचौ चल.. चुप रैंण-सैंणा बगत, अब-कब तलक रौलू,...